त्रिलोकपुर अश्विन नवरात्र मेले में इस बार सुरक्षा और यातायात को लेकर सख्ती रहेगी। 11 से 26 अक्तूबर तक मेले में हथियार, विस्फोटक, शराब, नारियल और मांस-मछली की बिक्री पर रोक रहेगी, जबकि कुछ भारी वाहनों की आवाजाही भी प्रतिबंधित होगी।
त्रिलोकपुर नवरात्र मेले में कड़े प्रतिबंध, हथियार से लेकर शराब और नारियल तक पर रोक
नाहन (सिरमौर)। त्रिलोकपुर स्थित श्री महामाया बालासुंदरी मंदिर में 11 से 26 अक्तूबर 2026 तक आयोजित होने वाले अश्विन नवरात्र मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध लागू किए हैं। उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग आदेश जारी किए हैं।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी आदेश के अनुसार मेले के दौरान कालाआंब थाना क्षेत्र और मेला क्षेत्र की सीमाओं में आग्नेयास्त्र, लाठी, तेजधार घातक हथियार और किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
इसके अलावा त्रिलोकपुर मंदिर में नारियल चढ़ाने पर भी रोक रहेगी। मेला क्षेत्र की सीमा के भीतर शराब का सेवन करने और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि में शामिल होने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भारी वाहनों की आवाजाही पर भी रोक
मेले के दौरान कालाआंब से त्रिलोकपुर सड़क पर यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए कुछ भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। जिला दंडाधिकारी ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के तहत आदेश जारी किया है।
11 से 26 अक्तूबर तक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक कालाआंब से त्रिलोकपुर मार्ग पर कागज और गत्ता उद्योगों से जुड़े ऐसे ट्रक व ट्रैक्टर नहीं चल सकेंगे, जिनमें मूल ढांचे के अतिरिक्त बड़े-बड़े बोरों की सहायता से तुड़ी, भूसा आदि लाया जाता है।
प्रशासन के अनुसार यह निर्णय नवरात्र मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने और सड़क पर यातायात को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
मेला क्षेत्र में मांस-मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने त्रिलोकपुर मेला क्षेत्र में मांस और मछली की बिक्री पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। जिला दंडाधिकारी प्रियंका वर्मा के अनुसार नवरात्र मेला श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और भावनाओं से जुड़ा आयोजन है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए 11 से 26 अक्तूबर तक त्रिलोकपुर मेला क्षेत्र में मांस-मछली की बिक्री के लिए दुकानें नहीं लगाई जा सकेंगी।
वहीं, कालाआंब से त्रिलोकपुर तक सड़क किनारे स्थित मांस-मछली की दुकानों के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। मेले की अवधि के दौरान इन दुकानों में मांस-मछली का विक्रय केवल दुकान के अंदर और पर्दे की आड़ में ही किया जा सकेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेले के दौरान सुरक्षा, कानून व्यवस्था, यातायात और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इन आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
