Home राज्य सिरमौर के उद्योगों पर लाखों का अतिरिक्त बोझ! सिक्योरिटी डिपॉजिट नोटिस से मचा हड़कंप, सीएम से राहत की गुहार

सिरमौर के उद्योगों पर लाखों का अतिरिक्त बोझ! सिक्योरिटी डिपॉजिट नोटिस से मचा हड़कंप, सीएम से राहत की गुहार

by Dainik Janvarta
0 comment

अतिरिक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट के नोटिस से उद्योगों में चिंता, राहत के लिए सीएम से गुहार

नाहन/कालाअंब (सिरमौर)। उद्योगों पर पहले से बढ़ती लागत के बीच अब लाखों रुपये के अतिरिक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट के नोटिस ने सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। कालाअंब समेत जिले के सूक्ष्म और लघु उद्योगों ने इस अचानक आए वित्तीय बोझ से राहत के लिए सरकार का दरवाजा खटखटाया है।

लघु उद्योग भारती सिरमौर इकाई ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अतिरिक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट की मांग वाले नोटिसों की समीक्षा करने और फिलहाल इनकी वसूली पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि एकमुश्त बड़ी राशि जमा करवाने से छोटे उद्योगों की कार्यशील पूंजी पर सीधा असर पड़ सकता है।

लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अखिल महेश्वरी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड की ओर से औद्योगिक इकाइयों के लोड स्वीकृत करने अथवा कॉन्ट्रैक्ट डिमांड में बदलाव की प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करवाने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इन नोटिसों में एचपीईआरसी सिक्योरिटी डिपॉजिट रेगुलेशन, 2005 के रेगुलेशन-6 का हवाला दिया गया है।

सीमित कार्यशील पूंजी पर पड़ेगा असर

संगठन का तर्क है कि छोटे और सूक्ष्म उद्योग सीमित पूंजी तथा नियमित कैश फ्लो के आधार पर अपना कारोबार चलाते हैं। कच्चे माल की खरीद, कर्मचारियों के वेतन, परिवहन खर्च और बिजली के नियमित बिलों के भुगतान के बाद उनके पास अतिरिक्त नकदी सीमित रहती है। ऐसे में एकमुश्त लाखों रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा करने से रोजमर्रा के कारोबार के लिए उपलब्ध कार्यशील पूंजी प्रभावित हो सकती है।

लघु उद्योग भारती ने कहा कि उद्योग पहले ही बिजली से जुड़ी समस्याओं, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में अतिरिक्त वित्तीय दायित्व आने से उत्पादन लागत बढ़ने और कारोबार पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

उत्पादन और रोजगार पर भी असर की आशंका

संगठन ने सरकार को भेजे पत्र में चिंता जताई है कि यदि अतिरिक्त आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता है तो कुछ छोटी औद्योगिक इकाइयों को उत्पादन कम करने अथवा कारोबार संबंधी फैसलों पर पुनर्विचार करने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इसका असर स्थानीय रोजगार और राज्य के राजस्व पर भी पड़ने की आशंका जताई गई है।

लघु उद्योग भारती ने स्पष्ट किया कि वह विद्युत बोर्ड के वित्तीय हितों और उसके जोखिमों की सुरक्षा की जरूरत को समझता है। हालांकि संगठन का कहना है कि उद्योगों की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए एकमुश्त बड़ी राशि जमा करवाने की व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है।

किश्तों में भुगतान का विकल्प देने की मांग

संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जारी किए गए अतिरिक्त सिक्योरिटी डिपॉजिट के नोटिसों की व्यापक समीक्षा की जाए और समीक्षा पूरी होने तक वसूली पर रोक लगाई जाए। यदि नियमों के तहत राशि जमा करवाना जरूरी है तो उद्योगों को एकमुश्त भुगतान के बजाय ब्याज-मुक्त और लंबी अवधि की आसान मासिक किश्तों में भुगतान का विकल्प देने की मांग की गई है।

इसके साथ ही लघु उद्योग भारती और अन्य औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर ऐसा समाधान निकालने का आग्रह किया गया है, जिससे उद्योगों के साथ-साथ विद्युत बोर्ड के वित्तीय हित भी सुरक्षित रह सकें।

कई विभागों को भेजी पत्र की प्रतियां

लघु उद्योग भारती की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र की प्रतियां राज्यपाल, उद्योग मंत्री, उद्योग एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारियों, एचपीएसईबीएल के प्रबंध निदेशक, एचपीईआरसी के अध्यक्ष, जिला उद्योग केंद्र सिरमौर और उपायुक्त सिरमौर को भी भेजी गई हैं।

You may also like

Leave a Comment

About Us

दैनिक जनवार्ता एक निष्पक्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पित वेब न्यूज़ पोर्टल है। हमारा उद्देश्य सच्ची, निर्भीक और संतुलित पत्रकारिता के माध्यम से भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना है। हम जाति, धर्म, लिंग, भाषा और संप्रदाय से ऊपर उठकर निष्पक्ष खबरें प्रस्तुत करते हैं। स्वैच्छिक संवाददाताओं की टीम के सहयोग से हम राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए विश्वसनीय सूचना जन-जन तक पहुँचाने का मिशन चला रहे हैं।

Contact for Design your website - 9318329982
Anshul Gupta
Software Engineer

@2023 – All Right Reserved. Designed and Developed DainikJanvarta

Adblock Detected

Please support us by disabling your AdBlocker extension from your browsers for our website.