टांडा में डॉक्टरों के विरोध के बीच सरकार का बड़ा फैसला, आरोपी लैब तकनीशियन के निलंबन के निर्देश
मुख्यमंत्री सुक्खू के निर्देश के बाद कार्रवाई की उम्मीद, लेकिन आधिकारिक आदेश तक रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहेगी
कांगड़ा। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ के मामले में सरकार ने आरोपी लैब तकनीशियन के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आरोपी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी।
प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित छेड़छाड़ की घटना के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि संस्थान में चिकित्सकों और विशेषकर महिला डॉक्टरों व प्रशिक्षुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
इसी मांग को लेकर शनिवार को रेजिडेंट डॉक्टरों ने सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक की थी। इस दौरान डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग उठाई थी।
आदेश आने तक जारी रहेगा विरोध
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. क्रांति बिष्ट ने मुख्यमंत्री के निलंबन संबंधी निर्देशों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि केवल निर्देश जारी होने से हड़ताल समाप्त नहीं होगी। सरकार की ओर से आरोपी के निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही डॉक्टर काम पर लौटने पर फैसला करेंगे।
एसोसिएशन का कहना है कि मामला केवल एक प्रशिक्षु डॉक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि मेडिकल संस्थान में कार्यरत डॉक्टरों और महिला चिकित्सकों की सुरक्षा से भी जुड़ा है। डॉक्टरों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट कार्रवाई की मांग की है।
प्रिंसिपल को अभी नहीं मिली आधिकारिक सूचना
टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से आरोपी लैब तकनीशियन को निलंबित करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है। हालांकि, अभी तक उन्हें सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन और रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन की नजर सरकार की ओर से जारी होने वाली औपचारिक अधिसूचना पर है। डॉक्टरों के अनुसार, आदेश जारी होने के बाद ही हड़ताल समाप्त करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं सुचारू रखने की बात कही गई है।
