रुपिन पास में अचानक बदला मौसम, बर्फीले तूफान में फंसे चरवाहे
पुलिस-राजस्व टीम ने दुर्गम इलाके में पहुंचकर 1600 से 1700 भेड़-बकरियों समेत सभी को सुरक्षित निकाला
किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में रुपिन पास के समीप अचानक मौसम बिगड़ने से बड़ा संकट खड़ा हो गया। भारी बर्फबारी, ओलावृष्टि और बर्फीले तूफान के बीच फंसे चरवाहों के लिए समय पर चलाया गया रेस्क्यू अभियान राहत लेकर आया।
सांगला कांडा से डोडरा क्वार की ओर जा रहे चरवाहे रुपिन पास के पास मौसम खराब होने के कारण रास्ते में फंस गए थे। 27 सितंबर को इसकी सूचना पुलिस को मिली, जिसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
मुश्किल हालात में पहुंची टीम
29 और 30 सितंबर को रेस्क्यू टीम भारी बर्फबारी और बेहद दुर्गम परिस्थितियों के बीच प्रभावित क्षेत्र तक पहुंची। बर्फ से ढके रास्तों और लगातार खराब मौसम के बावजूद टीम ने अभियान जारी रखा और फंसे हुए सभी चरवाहों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू अभियान में चरवाहों के साथ उनके पशुधन को सुरक्षित निकालना भी बड़ी चुनौती थी। टीम ने करीब 1600 से 1700 भेड़-बकरियों को भी सुरक्षित वापस पहुंचाया।
बर्फ में दबीं 5 बकरियां-भेड़ें जिंदा निकालीं
अभियान के दौरान रेस्क्यू टीम ने बर्फ में दबी दो बकरियों और तीन भेड़ों को भी जिंदा बाहर निकाला। कठिन परिस्थितियों में पशुधन को सुरक्षित निकालने के लिए टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
समय रहते शुरू किए गए इस संयुक्त अभियान से चरवाहों और उनके पशुधन को संभावित खतरे से बचा लिया गया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में अचानक मौसम बदलने के बीच पुलिस और राजस्व विभाग की तत्परता से रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा।
