कांगड़ा में खरीदारी करने निकलो तो जेब में नकदी रखना न भूलें। जिले के कई बाजारों में कारोबारियों ने UPI समेत डिजिटल भुगतान का बहिष्कार करते हुए एकदिवसीय हड़ताल की। हालांकि इसका असर हर बाजार और हर दुकान पर एक जैसा नहीं दिखा।
कांगड़ा। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क के विरोध में जिले के कारोबारी शुक्रवार को एकदिवसीय हड़ताल की। धर्मशाला समेत कई क्षेत्रों में व्यापारियों ने हड़ताल के समर्थन में डिजिटल माध्यमों से भुगतान स्वीकार नहीं करने का निर्णय लिया है। ऐसे में बाजारों में खरीदारी करने पहुंचने वाले ग्राहकों को नकद भुगतान का विकल्प रखना पड़ सकता है।
कारोबारी संगठनों का कहना है कि यूपीआई छोटे-बड़े कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। ग्राहक मोबाइल के जरिए कुछ ही सेकंड में भुगतान कर देते हैं, जबकि दुकानदारों के लिए भी बिना नकदी रखे लेनदेन करना आसान हो गया है। व्यापारियों का तर्क है कि डिजिटल भुगतान पर किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क लागू होने से विशेषकर छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ेगी।
हड़ताल में शामिल व्यापारियों की ओर से ग्राहकों से अपील की गई है कि वे बाजार जाने से पहले पर्याप्त नकदी साथ रखें। जिन दुकानों पर डिजिटल भुगतान बंद किया गया है, वहां सामान की कीमत नकद में चुकानी होगी।
हालांकि, जिले के सभी कारोबारी इस हड़ताल का हिस्सा नहीं थे। कुछ व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान बंद रखने से इनकार किया। इसलिए अलग-अलग बाजारों और दुकानों में भुगतान की व्यवस्था अलग रही। ग्राहकों के लिए बेहतर होगा कि खरीदारी करने से पहले संबंधित दुकान पर UPI भुगतान उपलब्ध है या नहीं, इसकी जानकारी ले लें।
व्यापारियों की यह भी आशंका है कि बड़ी संख्या में ग्राहक नकदी निकालने के लिए एटीएम पहुंच सकते हैं। ऐसे में कुछ स्थानों पर एटीएम के बाहर भीड़ बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
कारोबारी संगठनों ने सरकार से यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान रोजमर्रा के कारोबार का हिस्सा बन चुका है और इस पर अतिरिक्त शुल्क का असर सीधे व्यापारियों पर पड़ेगा।
