हिमाचल: बद्दी ग्रेनेड मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी का पुंछ से भी जुड़ा है पुराना मामला
सोलन। बद्दी में घर में छिपाकर रखे गए हैंड ग्रेनेड ने पुलिस जांच को गंभीर मोड़ दे दिया है। मामले में अब तीसरी गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ग्रेनेड आरोपियों तक पहुंचा कैसे।
नालागढ़ पुलिस ने माजरा निवासी सलीम मोहम्मद को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मुख्य आरोपी रशीद मोहम्मद उर्फ बाऊ और उसकी भाभी किरना को पुलिस हिरासत में लिया जा चुका है।
तीनों आरोपियों को 5 अक्तूबर तक पुलिस रिमांड
हैंड ग्रेनेड बरामदगी मामले में गिरफ्तार सलीम मोहम्मद और उसकी भाभी किरना पत्नी रशीद मोहम्मद को नालागढ़ अदालत में पेश किया गया। इससे एक दिन पहले मुख्य आरोपी रशीद मोहम्मद उर्फ बाऊ को भी कोर्ट में पेश किया गया था।
अदालत ने तीनों आरोपियों को 5 अक्तूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से ग्रेनेड से जुड़े कई अहम पहलुओं पर पूछताछ करेगी।
ग्रेनेड कहां से आया, पुलिस तलाश रही कड़ी
पुलिस की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि ग्रेनेड आरोपियों के पास कहां से पहुंचा और इसे घर में छिपाकर रखने के पीछे क्या वजह थी। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इस मामले से अन्य लोग तो जुड़े नहीं हैं।
एसपी विनोद धीमान के अनुसार मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए डीएसपी नालागढ़ की अध्यक्षता में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है।
ट्रक चालक है मुख्य आरोपी, पुंछ में रह चुका है जेल
जांच के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी रशीद मोहम्मद पेशे से ट्रक चालक है। वह जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एक अन्य मामले में जेल भी जा चुका है। बाद में स्थानीय लोगों की जमानत पर वह बाहर आया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रशीद और उसके भाई के अपने पड़ोसियों के साथ संबंध अच्छे नहीं थे। आरोप है कि रशीद ने घर में ग्रेनेड छिपाकर रखा था और पड़ोसियों के साथ विवाद के दौरान उसने मकान की ओर ग्रेनेड फेंका।
एक पार्ट गायब होने से नहीं हुआ विस्फोट
पुलिस के अनुसार ग्रेनेड में एक महत्वपूर्ण कंपोनेंट मौजूद नहीं था, जिसके चलते वह फट नहीं सका। यही वजह रही कि संभावित बड़ा हादसा टल गया।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ग्रेनेड किस स्रोत से मिला, इसे किस उद्देश्य से रखा गया था और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। रिमांड के दौरान आरोपियों से इन्हीं बिंदुओं पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
