सिरमौर में नशे पर शिकंजा कसने की तैयारी, 20 रेड फ्लैग पंचायतों में समितियां होंगी सक्रिय
नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के साथ अब पंचायत स्तर पर भी निगरानी मजबूत होगी। सिरमौर में इस साल एनडीपीएस एक्ट के तहत 122 मामले दर्ज हो चुके हैं, जिसके बाद प्रशासन ने प्रवर्तन, जागरूकता और उपचार व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त कार्यालय नाहन में जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (एनकॉर्ड) समिति की 28वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्रीमती एकता काप्टा ने की।
बैठक में पिछली एनकॉर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों और निर्देशों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की गई। इसके साथ ही नशा तस्करी के खिलाफ प्रवर्तन अभियान, पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों की कार्यप्रणाली, एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई तथा विभिन्न विभागों की ओर से की जा रही कार्रवाई की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
इस साल 122 एनडीपीएस मामले दर्ज
बैठक में बताया गया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत वर्ष 2026 में अब तक जिला सिरमौर में कुल 122 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अधिकारियों को नशे की तस्करी और इससे जुड़ी अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए रखने तथा प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
20 रेड फ्लैग पंचायतों में सक्रिय होंगी समितियां
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने जिला पंचायत कार्यालय सिरमौर को निर्देश दिए कि जिले की 20 रेड फ्लैग पंचायतों में नशा निवारण समितियों को अपडेट कर सक्रिय किया जाए। इन समितियों के माध्यम से पंचायत स्तर पर नशे के खिलाफ जागरूकता और निगरानी गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य शिविर बढ़ाने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग को सभी रेड फ्लैग पंचायतों में स्वास्थ्य शिविरों की आवृत्ति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नशे से प्रभावित परिवारों को आवश्यक चिकित्सा उपचार के साथ परामर्श और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने को कहा गया।
बैठक में नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों तक स्वास्थ्य एवं परामर्श सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
ड्रग और आबकारी विभाग करेंगे नियमित निरीक्षण
ड्रग एवं आबकारी विभाग को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में निरंतर और मासिक निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि नशीले पदार्थों और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
स्कूलों में भी चलेगा जागरूकता अभियान
बैठक में नशा विरोधी जागरूकता अभियान के तहत संबंधित अधिकारियों की ओर से गोद लिए गए विद्यालयों में संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने और अभियान की प्रभावशीलता की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
जागरूकता के साथ उपचार और पुनर्वास पर जोर
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए नशे के खिलाफ अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल प्रवर्तन ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ जागरूकता, उपचार, परामर्श और पुनर्वास के प्रयासों को भी समान प्राथमिकता देना आवश्यक है।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिरमौर नरेन्द्र कुमार सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
