धान के खेतों में हाथियों के झुंड ने मचाई तबाही, किसानों की मेहनत हुई बर्बाद। बहराल और सातीवाला में फसल नुकसान के बाद प्रभावित किसानों ने सरकार से तत्काल मुआवजे की मांग उठाई।
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब क्षेत्र के बहराल और सातीवाला गांव में हाथियों के झुंड ने किसानों की धान और हरे चारे की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों ने खेतों में खड़ी फसलों को रौंदकर किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
जानकारी के अनुसार किसान मदन लाल, धियान, लालचंद, सुरेश पवार, नरेश पवार, रविकांत और ओम दत्त पुत्र स्वर्गीय श्री गोपाल सहित अन्य किसानों के खेत हाथियों की चपेट में आए हैं। प्रभावित किसानों के खेतों में धान और हरे चारे की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
फसल नुकसान की सूचना मिलने के बाद भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के ब्लॉक पांवटा साहिब अध्यक्ष जसविंदर सिंह बिलिंग, वन विभाग के गार्ड प्रदीप कुमार, बीओ रामकरण, ग्राम पंचायत उपप्रधान जगदीश चंद और बीडीसी सदस्य कश्मीर सिंह मौके पर पहुंचे। टीम ने प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सरकार से प्रभावित किसानों को जल्द और उचित मुआवजा देने की मांग की है। यूनियन ने कहा कि पड़ोसी राज्यों उत्तराखंड और हरियाणा में जंगली जानवरों से फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को कथित तौर पर 15 हजार से 25 हजार रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था है। इसी तर्ज पर हिमाचल में भी प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग की गई है।
जसविंदर सिंह बिलिंग ने कहा कि हाथियों के लगातार फसल नुकसान से किसानों में रोष है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन और संबंधित विभाग जल्द नुकसान का आकलन पूरा कर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करें, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर आर्थिक राहत मिल सके।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) पांवटा साहिब ने सरकार से मामले में शीघ्र कार्रवाई करते हुए किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध करवाने की मांग दोहराई है।
