पच्छाद को 237 करोड़ की बड़ी सौगात, 6 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
203.52 करोड़ की छैला-नेरीपुल-कुमारहट्टी सड़क से सेब उत्पादकों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी, पेयजल व सिंचाई योजनाओं से गांवों को राहत
सराहां (सिरमौर)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सिरमौर जिला के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान क्षेत्रवासियों को 237.23 करोड़ रुपये की छह विकासात्मक परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं का लोकार्पण करने के साथ ही 203.52 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-कुमारहट्टी सड़क का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने पच्छाद तहसील के अंतर्गत गिरि नदी से नारग-नोहरा, डिलमन, सरिया, महलोग लाल टीकर, दाड़ो देवरिया द्राबली, सरोल चमेंजी, वासनी तथा नैनाटिक्कर सहित विभिन्न गांवों के लिए 26.51 करोड़ रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना का उद्घाटन किया।
इसके अलावा उन्होंने राजगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत छोग टाली और सानियो दीदग की विभिन्न बस्तियों के लिए 1.57 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने राजगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत शाया-सनोरा के धनच चुखरिया और आसपास के गांवों के लिए 1.25 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना तथा जल शक्ति उपमंडल चंदोल के अंतर्गत मलोह मशोग और आसपास के गांवों के लिए 1.52 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना का भी उद्घाटन किया।
इसी क्रम में पच्छाद तहसील की ग्राम पंचायतों बणी-बखोली, सुरला-जनोट और साधना-घाट के विभिन्न गांवों के लिए 2.86 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना का भी लोकार्पण किया गया।
सेब उत्पादकों को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं से क्षेत्र में आधारभूत अधोसंरचना मजबूत होने के साथ लोगों को बेहतर आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-कुमारहट्टी सड़क बनने से सेब उत्पादकों को सुगम और बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। बागवान अपने उत्पादों को बगीचों से मंडियों और संग्रहण केंद्रों तक अधिक सुविधाजनक तरीके से पहुंचा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से परिवहन में लगने वाला समय कम होगा और पोस्ट हार्वेस्ट नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही बागवानी उत्पादों के लिए प्रमुख बाजारों तक पहुंच बेहतर होगी।
उन्होंने कहा कि यह वैकल्पिक सड़क वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने में सहायक होगी और इससे क्षेत्र का समग्र सड़क नेटवर्क भी सुदृढ़ होगा।
