बाल अधिकारों की अनदेखी नहीं, कानून देगा सुरक्षा का मजबूत कवच
नाहन में विधिक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्रों को POCSO अधिनियम और कानूनी सहायता सेवाओं की दी जानकारी
नाहन (सिरमौर)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरमौर की ओर से डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नाहन में बाल अधिकारों एवं संरक्षण को लेकर विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकार, उनकी सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध विधिक सहायता सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, एफ.टी.एस.सी. सिरमौर सुभाष चन्द्र भसीन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश नव कमल ने बतौर कानून विशेषज्ञ विद्यार्थियों को संबोधित किया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुभाष चन्द्र भसीन ने विद्यार्थियों को पॉकसो अधिनियम, 2012 के प्रमुख प्रावधानों से अवगत करवाया। उन्होंने बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधानों और उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना, उनमें विधिक साक्षरता बढ़ाना तथा बच्चों को उपलब्ध कानूनी संरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है।
वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नव कमल ने विद्यार्थियों को विधिक सहायता सेवाओं तथा नालसा (NALSA) के अंतर्गत संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को न्याय तक पहुंच बनाने तथा आवश्यक कानूनी सहायता प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और बाल अधिकारों एवं कानूनी संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की।
