कांगड़ा: मां चामुंडा के दरबार में बढ़ेगी भव्यता, 3 किलो सोना और 6 क्विंटल चांदी से सजेगा गर्भगृह
दुबई से मंगवाई जाएगी स्वर्ण-रजत सामग्री, वियतनाम के मार्बल से संवरेगा मंदिर का गर्भगृह; एक साथ 100 श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन
कांगड़ा। प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के गर्भगृह का स्वरूप जल्द ही पूरी तरह बदला नजर आएगा। मंदिर के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण के तहत गर्भगृह को तीन किलो सोने और करीब छह क्विंटल चांदी की सामग्री से सजाने की तैयारी है। इसके लिए लुधियाना के एक दानी श्रद्धालु की ओर से सहयोग दिया जा रहा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद स्वर्ण और रजत सामग्री दुबई से मंगवाई जाएगी।
गर्भगृह की दीवारों, छत और अन्य हिस्सों को विशेष वियतनामी मार्बल से सजाया जा रहा है। मंदिर परिसर में इन दिनों निर्माण और सौंदर्यीकरण का काम तेजी से चल रहा है। दीवारों और दरवाजों पर मार्बल लगाने का काम पूरा हो चुका है, जबकि गुंबदों की फिनिशिंग का काम जारी है।
मंदिर न्यास ने शेष निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य को मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। निर्माण कार्य को गति देने में लुधियाना के दानी श्रद्धालु का महत्वपूर्ण योगदान बताया जा रहा है। मंदिर फंड से पर्याप्त बजट उपलब्ध न होने के कारण काम की रफ्तार प्रभावित हो रही थी। इसके बाद श्रद्धालु ने अपने स्तर पर लेबर उपलब्ध करवाकर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में सहयोग किया।
मंदिर न्यास के माध्यम से पिछले वर्ष से गर्भगृह का निर्माण भी इसी श्रद्धालु के सहयोग से कराया जा रहा है। अब गर्भगृह की सजावट के लिए सोने और चांदी की सामग्री उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव भी मंजूर हो गया है।
एक साथ 100 श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद गर्भगृह में एक समय में करीब 100 श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था होगी। मंदिर के तीनों गुंबदों का डिजाइन लोक निर्माण विभाग ने तैयार किया है। इनकी फिनिशिंग का काम अभी जारी है और बाद में गुंबदों पर कलश स्थापित किए जाएंगे।
मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण भी चल रहा है। परिसर में नई रोशनी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके अलावा यज्ञशाला और माता की रसोई का निर्माण पूरा हो चुका है। हनुमान जी की मूर्ति के पास ग्रेनाइट लगाने का काम भी पूरा कर लिया गया है।
एसडीएम धर्मशाला मोहित रत्न के अनुसार, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के कायाकल्प की योजना के तहत गर्भगृह को भव्य रूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दानी श्रद्धालु की ओर से सोना और चांदी उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। यह सामग्री दुबई से मंदिर तक पहुंचाई जाएगी। गर्भगृह में वियतनाम से मंगवाए गए मार्बल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
