कालाअंब में बड़ा हादसा टल गया! करीब 150 फीट गहरी खाई पार कर एक कार उफनती मारकंडा नदी में जा गिरी, लेकिन कार सवार सभी छह लोगों की जान बच गई।
नीम करोली बाबा के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार सुबह-सवेरे जैश फैक्ट्री के पास हादसे का शिकार हुई, जिसके बाद ग्रामीणों ने नदी किनारे पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया।
कालाअंब (सिरमौर)। नाहन विधानसभा क्षेत्र की नागल सकेती पंचायत में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा होते-होते बड़ा हादसा बनने से बच गया। अचार फैक्ट्री के समीप एक तीखे और संवेदनशील मोड़ पर श्रद्धालुओं से भरी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क से फिसलकर करीब 150 फीट नीचे मारकंडा नदी में जा गिरी।
कार में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें तीन महिलाएं, दो पुरुष और एक बच्चा शामिल था। हादसे के बाद सभी को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। हादसे में एक व्यक्ति की टांग टूटने की सूचना है, जबकि अन्य यात्रियों को भी चोटें आई हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज नाहन पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार कार में सवार लोग पंजाब के रोपड़, नवांशहर और चंडीगढ़ क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। सभी श्रद्धालु उत्तराखंड में नीम करोली बाबा के मंदिर में दर्शन करने के बाद वापस लौट रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे उनकी कार जैश फैक्ट्री के पास खतरनाक मोड़ पर पहुंची, जहां अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया।
कार के नदी में गिरने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना देरी किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। तेजवीर सिंह, जगपाल, तनिष्क चौधरी, वीर सिंह, अनीश और रिंकू सहित अन्य ग्रामीणों ने घायलों को कार से बाहर निकालने में मदद की। इसके साथ ही 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई, जिसके बाद घायलों को अस्पताल भेजा गया।
उफनती मारकंडा नदी में कार गिरने के बावजूद सभी छह लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने से मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए। श्रद्धालु नीम करोली बाबा के दर्शन से लौट रहे थे, जिसके चलते कुछ स्थानीय लोगों ने इस घटना को बाबा की कृपा से जोड़कर देखा।
वहीं, हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के चलते हादसे वाली जगह पर सड़क क्षतिग्रस्त है। इसके अलावा यहां तीखा मोड़ होने के बावजूद पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतक नहीं लगाए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि इस संवेदनशील स्थान पर जल्द से जल्द मजबूत बैरिकेड, चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कर भविष्य में ऐसे हादसों की आशंका को कम किया जाए।
