कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और अंदर मां-बेटी मिली मृत
सोलन के आंजी में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
छह माह की बच्ची की मौत पानी से भरी बाल्टी में डूबने की आशंका है, जबकि महिला की मौत फंदे से होने की बात सामने आई है—हालांकि पुलिस जांच में पूरी तस्वीर अभी साफ होनी बाकी है।
सोलन। सोलन शहर के वार्ड-16 आंजी में 29 वर्षीय प्रिशिका और उनकी छह माह की बेटी शैलजा कौंडल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना के समय कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
जानकारी के मुताबिक, प्रिशिका कुछ समय पहले अपनी छोटी बेटी के साथ नमोहल से सोलन आई थीं। वह अपने पिता हरिन्द्र बिष्ट के साथ आंजी में किराये के कमरे में रह रही थीं। बताया जा रहा है कि उनके पति आशुतोष कौंडल भी उनके साथ सोलन आए थे, लेकिन बाद में वापस चले गए।
घटना के समय प्रिशिका की छोटी बहन भी कमरे में मौजूद थी। बताया जा रहा है कि प्रिशिका ने अपनी बहन को खाने का सामान लेने के लिए बाहर भेजा था। जब बहन कुछ देर बाद वापस लौटी तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज लगाने और फोन करने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
इसके बाद बहन ने अपने पिता को घटना की जानकारी दी। उस समय वह कुमारहट्टी में सब्जी लेने गए थे। सूचना मिलते ही वह आंजी स्थित कमरे में पहुंचे। दरवाजा नहीं खुलने पर वह बालकनी की खिड़की के रास्ते अंदर पहुंचे, जहां दोनों मां-बेटी मृत अवस्था में मिलीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। दोनों शवों का पोस्टमार्टम क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में करवाया गया।
प्रारंभिक जानकारी में बच्ची की मौत पानी से भरी बाल्टी में डूबने और महिला की मौत फंदे से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी पूरे घटनाक्रम को अंतिम रूप से स्पष्ट नहीं किया है। यह भी जांच का विषय है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे।
एएसपी सोलन रमेश शर्मा ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस परिवार के सदस्यों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और एफएसएल रिपोर्ट समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मां-बेटी की मौत के वास्तविक कारण और घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
