हिमाचल हाईकोर्ट की कार्यवाही अब जनता की नजरों से दूर नहीं रहेगी—अदालत की सुनवाई का सीधा प्रसारण शुरू हो गया है।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया ने लाइव स्ट्रीमिंग और उन्नत हाइब्रिड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का शुभारंभ किया।
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में अदालती कार्यवाही को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया ने अदालत की कार्यवाही के सीधे प्रसारण के साथ उन्नत हाइब्रिड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा का उद्घाटन किया।
उद्घाटन के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि लाइव स्ट्रीमिंग महज तकनीकी सुविधा नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था को आम लोगों के लिए अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने की पहल है। उन्होंने कहा कि न्याय केवल किया जाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे होते हुए दिखाई देना भी जरूरी है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी होगी। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ अधिवक्ताओं और कानून के विद्यार्थियों को भी अदालती कार्यवाही को समझने और देखने का अवसर मिलेगा।
इस पहल के साथ हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट देश का 10वां उच्च न्यायालय बन गया है, जहां अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की गई है।
हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने यह भी स्पष्ट किया कि पारदर्शिता का मतलब अदालत की कार्यवाही को पब्लिसिटी में बदलना नहीं है। अदालत की गरिमा, अनुशासन और गंभीरता को बनाए रखना प्राथमिकता रहेगी। बच्चों से जुड़े मामलों, यौन अपराधों के पीड़ितों और वैवाहिक विवादों जैसे संवेदनशील मामलों में गोपनीयता तथा संबंधित व्यक्तियों के निजी अधिकारों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
लाइव प्रसारण की सामग्री की अनधिकृत रिकॉर्डिंग, दोबारा प्रसारण या किसी अन्य तरीके से दुरुपयोग को रोकने के लिए साइबर सुरक्षा के उपाय भी लागू किए जाएंगे।
कार्यक्रम में कंप्यूटर, ई-कोर्ट और एआई समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि यह पहल मुख्य न्यायाधीश और ई-कमेटी के मार्गदर्शन में साकार हुई है। समिति में न्यायमूर्ति संदीप शर्मा और न्यायमूर्ति राकेश कैंथला भी शामिल हैं।
न्यायमूर्ति गोयल ने कहा कि लाइव स्ट्रीमिंग से न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उद्घाटन कार्यक्रम में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति संदीप शर्मा, न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ, न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा, न्यायमूर्ति रंजन शर्मा, न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी, न्यायमूर्ति राकेश कैंथला, न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज, न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा, न्यायमूर्ति चिराग भानु सिंह, न्यायमूर्ति भूपेश शर्मा और न्यायमूर्ति योगेश जसवाल सहित अन्य न्यायाधीश मौजूद रहे।
इसके अलावा रजिस्ट्रार जनरल विकास भारद्वाज, हाईकोर्ट के अन्य रजिस्ट्रार, न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य और अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम से जुड़े।
