डिजिटल दौर में कारोबार को नई पहचान देने के लिए कालाअंब के एमएसएमई उद्यमियों को मिला मंत्र
ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और सरकारी योजनाओं की जानकारी से 42 प्रतिभागियों ने बढ़ाई व्यवसायिक समझ
कालाअंब (सिरमौर)। एमएसएमई इकाइयों के प्रदर्शन को बढ़ाने और उन्हें बदलते बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से बुधवार को कालाअंब में विपणन, डिजिटल साक्षरता एवं ब्रांड निर्माण के लिए डिजिटल उपकरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में करीब 30 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के 42 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र (एसडब्ल्यूसीए), कालाअंब की ओर से मुख्य अतिथि के रूप में सोहन सिंह उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान डॉ. कमल डोगरा, सहायक प्राध्यापक, डॉ. वाई.एस. परमार स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नाहन ने प्रतिभागियों को विपणन, डिजिटल साक्षरता और ब्रांड निर्माण के लिए डिजिटल उपकरणों के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. डोगरा ने कहा कि मौजूदा प्रतिस्पर्धी बाजार में एमएसएमई इकाइयों के लिए केवल गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी प्रभावी ब्रांडिंग, डिजिटल माध्यमों से प्रचार-प्रसार और ग्राहकों का विश्वास बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने उद्यमियों को बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवसाय में आवश्यक बदलाव करने तथा आधुनिक डिजिटल माध्यमों का उचित उपयोग करने के बारे में जानकारी दी।
कार्यशाला में विभिन्न वित्तीय संस्थानों के साथ-साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से एमएसएमई इकाइयों के लिए संचालित योजनाओं और उपलब्ध वित्तीय सहायता के बारे में भी विस्तार से बताया गया। प्रतिभागियों को व्यवसाय के प्रचार-प्रसार, उत्पादों की पहचान मजबूत करने और बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए डिजिटल तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी गई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक विपणन तकनीकों, डिजिटल माध्यमों और ब्रांड निर्माण की रणनीतियों से परिचित करवाना तथा उन्हें बदलते बाजार के अनुरूप अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए सक्षम बनाना रहा।
इस दौरान प्रतिभागियों ने विषय से संबंधित जानकारी में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने विशेषज्ञ के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यशाला को स्थानीय एमएसएमई इकाइयों की क्षमता निर्माण और उनके व्यवसायिक प्रदर्शन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
