शिमला करोड़ों की चोरी में आबकारी दरोगा समेत 4 गिरफ्तार, बड़ा खुलासा
शिमला। शिमला में करोड़ों की चोरी की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। चोरी का सामान लेकर भाग रहे आरोपियों को कथित तौर पर रास्ते में रोकने और सामान अपने पास रखने के आरोप में आबकारी विभाग के दरोगा समेत चार लोग पुलिस के शिकंजे में हैं।
शिमला पुलिस चारों आरोपियों को उत्तराखंड से गिरफ्तार कर राजधानी ले आई है। अदालत में पेशी के बाद आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब पूछताछ के जरिए चोरी के सामान की बरामदगी के साथ-साथ इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में उत्तराखंड आबकारी विभाग के दरोगा देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी का अधिकांश सामान बरामद करने का दावा किया है।
रुद्रपुर में सामने आया अहम सुराग
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शिमला से चोरी किए गए सोने के आभूषण और अन्य कीमती सामान लेकर आरोपी जब उत्तराखंड की ओर जा रहे थे, तभी रुद्रपुर में आबकारी विभाग की टीम ने उनकी गाड़ी को तलाशी के लिए रोका था।
आरोप है कि तलाशी के दौरान टीम ने चोरी का सामान अपने कब्जे में ले लिया और आरोपियों को छोड़ दिया। हालांकि, इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
शिमला पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए संबंधित राज्य की पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर कई लोगों से पूछताछ की गई और सीसीटीवी फुटेज से मिले सुरागों के आधार पर चारों आरोपियों तक पुलिस पहुंची।
7 सितंबर को हुई थी करोड़ों की चोरी
पूरा मामला 7 सितंबर का है। कालीबाड़ी के पास रेणु बालाजी के घर में कुछ दिन पहले काम पर आई नौकरानी समेत कुछ लोगों पर घर से करोड़ों रुपये के सोने के आभूषण, कीमती सामान और नकदी चोरी करने का आरोप है।
घटना के बाद 8 सितंबर को थाना सदर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 306 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग पहलुओं से जांच शुरू की।
एएसपी शिमला गौरवजीत सिंह के मुताबिक, पुलिस मामले की हर कड़ी को गंभीरता से जांच रही है। फिलहाल चारों आरोपियों को पांच दिन की रिमांड मिली है। पुलिस उनसे पूछताछ कर चोरी की वारदात में शामिल अन्य लोगों और बरामद किए गए सामान से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
