14 हजार लीटर पेट्रोल से भरा टैंकर चढ़ाई पर पलटा तो एनएच-707 पर मच गई अफरा-तफरी।
करीब 12 घंटे तक बसों और भारी वाहनों के पहिए थमे रहे, दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे रहे और आग के खतरे के बीच प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
पांवटा साहिब (सिरमौर)। एनएच-707 बद्रीपुर-गम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग पर हेवना और बड़वास के बीच सोमवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। नेरवा जा रहा करीब 14 हजार लीटर पेट्रोल से भरा तेल टैंकर बड़वास के समीप चढ़ाई पर संतुलन बिगड़ने से सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद टैंकर से पेट्रोल रिसने लगा, जिससे मौके पर आग लगने का खतरा पैदा हो गया।
हादसे के कारण छोटे वाहनों की आवाजाही तो जारी रही, लेकिन बसों और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही करीब 12 घंटे तक प्रभावित रही। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे टैंकर को सड़क से हटाने के बाद यातायात पूरी तरह बहाल हो सका। इस दौरान सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे रहे।
जानकारी के अनुसार, टैंकर चढ़ाई पर आगे नहीं बढ़ पाया। चालक ने वाहन को पीछे कर सड़क के किनारे खड़ा करने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान टैंकर का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर पलट गया। टैंकर में बड़ी मात्रा में पेट्रोल होने के कारण स्थिति संवेदनशील हो गई। सूचना मिलने के बाद मंगलवार सुबह अग्निशमन वाहन भी मौके पर पहुंच गया।
टैंकर को हटाने के लिए हाइड्रा क्रेन की मदद ली गई। काफी मशक्कत के बाद टैंकर को सड़क से हटाकर खड़ा किया गया, जिसके बाद यातायात को सामान्य किया जा सका।
हादसे के कारण शिमला, उत्तराखंड और सिरमौर जिले की कई पंचायतों की ओर जाने वाले लोग भी घंटों जाम में फंसे रहे। कई बसें निर्धारित समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सकीं। सरकारी कर्मचारी और अन्य लोग भी काफी मशक्कत के बाद अपनी ड्यूटी तक पहुंच पाए।
स्थानीय लोगों ने जताया रोष
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने सड़क की स्थिति और एनएच विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई। समाजसेवी नाथू राम चौहान ने आरोप लगाया कि करीब 1350 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा के मानकों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी गई है। उन्होंने सड़क के ग्रेड और निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन और एनएच विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क पर कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
क्या बोले एसडीएम
एसडीएम शिलाई जसपाल ने बताया कि सड़क को जल्द बहाल करने के लिए टैंकर चालक की ओर से हाइड्रा क्रेन मंगवाई गई थी। क्रेन की मदद से टैंकर को हटाया गया, जिसके बाद एनएच-707 पर यातायात बहाल कर दिया गया।
