शिमला में करोड़ों की चोरी के बाद भाग रहे आरोपियों को रास्ते में रोकने वाली टीम ही जांच के घेरे में आ गई। आरोप है कि चोरी के माल का कुछ हिस्सा बरामद करने के बाद उसे अपने पास रख लिया गया और बाकी सामान के साथ आरोपियों को जाने दिया गया।
शिमला चोरी कांड में उत्तराखंड आबकारी विभाग के दरोगा समेत चार गिरफ्तार
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में होटल कारोबारी के घर हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने उत्तराखंड से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तराखंड आबकारी विभाग का उप आबकारी निरीक्षक (दरोगा), एक कांस्टेबल, एक उपनल कर्मचारी और एक पीआरडी जवान शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, शिमला में चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चोरी के सोने के आभूषण और अन्य कीमती सामान लेकर उत्तराखंड की ओर निकले थे। रास्ते में रुद्रपुर में उनकी गाड़ी को तलाशी के लिए रोका गया। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि इसी दौरान बरामद चोरी के सामान का करीब आधा हिस्सा संबंधित टीम ने अपने पास रख लिया, जबकि बाकी सामान आरोपियों को देकर उन्हें जाने दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आबकारी विभाग के उप आबकारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार निवासी रामनगर, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मचारी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम निवासी ऊधम सिंह नगर के रूप में हुई है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद शिमला पुलिस ने ऊधम सिंह नगर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस का दावा है कि अब तक चोरी की करीब 80 फीसदी संपत्ति बरामद की जा चुकी है। इसमें सोने के आभूषण और अन्य कीमती सामान शामिल हैं।
नेपाल पहुंचकर कारोबारी को दी चोरी की जानकारी
जांच में सामने आया है कि चोरी की वारदात के बाद आरोपी युवती नेपाल पहुंच गई थी। वहां से उसने कथित तौर पर कारोबारी को फोन कर घर में चोरी होने की जानकारी दी। इसके बाद शिमला पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उत्तराखंड पुलिस से संपर्क किया।
7 सितंबर की रात हुई थी वारदात
पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर की रात शिमला के कालीबाड़ी के पास रेणु बालजीज के घर चोरी हुई थी। घर में कुछ दिन पहले काम पर आई नौकरानी समेत चार लोगों पर करोड़ों रुपये के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी करने का आरोप है।
8 सितंबर को थाना सदर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की।
दरोगा और कांस्टेबल निलंबित
मामले में कार्रवाई करते हुए ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने आबकारी विभाग के दरोगा देवेंद्र कुमार और कांस्टेबल बलजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उपनल कर्मचारी और पीआरडी जवान के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस जांच में एक अन्य अज्ञात व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है। उसकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। वहीं, चोरी की बची हुई संपत्ति की बरामदगी के साथ घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
ऊधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति के मुताबिक, हिमाचल पुलिस ने करीब तीन दिन तक स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर साक्ष्य जुटाए। उन्होंने कहा कि मामले में गिरफ्तार चारों आरोपी आबकारी विभाग से जुड़े हैं और हिमाचल पुलिस की तहरीर मिलने पर उसके आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी।
