हिमाचल कांस्टेबल भर्ती में बड़ा बदलाव, ग्राउंड टेस्ट में एंट्री से पहले होगा बायोमेट्रिक सत्यापन
98,719 आवेदकों की इस भर्ती में फर्जी अभ्यर्थियों पर लगाम लगाने के लिए बारकोड स्कैनिंग और डिजिटल फोटो का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के 734 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को डिजिटल पहचान प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। भर्ती के ग्राउंड टेस्ट में शामिल होने से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की पहचान बायोमेट्रिक जांच, बारकोड स्कैनिंग और डिजिटल फोटो के जरिए सत्यापित की जाएगी।
कांस्टेबल के 734 पदों के लिए प्रदेशभर से कुल 98,719 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इनमें पुरुष कांस्टेबल के 491 और महिला कांस्टेबल के 243 पद शामिल हैं। आवेदकों की संख्या अधिक होने के कारण शारीरिक दक्षता परीक्षा अलग-अलग चरणों और दिनों में आयोजित किए जाने की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार, ग्राउंड टेस्ट अक्तूबर में शुरू किए जाने की तैयारी चल रही है।
आवेदन रिकॉर्ड से होगा बायोमेट्रिक मिलान
ग्राउंड टेस्ट केंद्र पर पहुंचने के बाद अभ्यर्थी की सबसे पहले बायोमेट्रिक पहचान दर्ज की जाएगी। इस दौरान फिंगरप्रिंट के साथ डिजिटल फोटो भी कैप्चर की जाएगी। इसके बाद प्राप्त जानकारी को भर्ती आवेदन के रिकॉर्ड से मिलाया जाएगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस उम्मीदवार ने भर्ती के लिए आवेदन किया है, वही शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल हो रहा है।
बारकोड स्कैन होते ही सामने आएगा रिकॉर्ड
भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को बारकोड भी उपलब्ध कराया जाएगा। ग्राउंड टेस्ट स्थल पर बारकोड स्कैन करने के बाद संबंधित अभ्यर्थी का रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम में सामने आ जाएगा। इससे प्रवेश प्रक्रिया को तेज करने के साथ अभ्यर्थी की उपस्थिति और पहचान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।
बायोमेट्रिक, फोटो और बारकोड आधारित सत्यापन से किसी दूसरे व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा देने जैसी गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है। भर्ती के आगे के चरणों में भी पहचान से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।
पुलिस लाइंस और ग्राउंड में होगी शारीरिक परीक्षा
ग्राउंड टेस्ट के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस लाइंस और पुलिस ग्राउंड का इस्तेमाल किया जाएगा। अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और संबंधित कार्यक्रम की जानकारी भर्ती का विस्तृत शेड्यूल जारी होने के बाद दी जाएगी।
बड़ी संख्या में आवेदन होने के कारण उम्मीदवारों को अलग-अलग दिनों में बुलाया जाएगा। ग्राउंड टेस्ट में निर्धारित शारीरिक दक्षता मानकों को पूरा करने वाले अभ्यर्थी ही भर्ती के अगले चरण के लिए आगे बढ़ सकेंगे।
इस तरह डिजिटल पहचान प्रणाली के जरिए भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थी की पहचान से लेकर ग्राउंड टेस्ट में उसकी भागीदारी तक का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जाएगा।
