शिमला में विधायकों ने मुख्यमंत्री को सौंपा संयुक्त ज्ञापन, बढ़ती लागत और मौसम की मार का हवाला देकर बागवानों को राहत देने की मांग
शिमला। शिमला में सेब के दाम को लेकर सियासत तेज हो गई है। बढ़ती उत्पादन लागत और मौसम की मार के बीच 14 कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से सेब का एमआईएस समर्थन मूल्य 12 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 20 रुपये प्रति किलो करने की मांग की है।
शिमला में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि करीब 14 कांग्रेस विधायकों ने इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संयुक्त ज्ञापन सौंपा है। विधायकों का कहना है कि मौजूदा एमआईएस दर बढ़ती लागत के मुकाबले बागवानों को पर्याप्त राहत नहीं दे रही है।
राठौर ने कहा कि सेब उत्पादन में मजदूरी के साथ खाद, उर्वरक और पेस्टिसाइड की लागत लगातार बढ़ रही है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण इस साल भी सेब की फसल प्रभावित हुई है। ऐसे में बागवानों को राहत देने के लिए एमआईएस के तहत मिलने वाले समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने विधायकों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। वहीं, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को इस संबंध में प्रस्ताव का मसौदा तैयार कर मुख्यमंत्री को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
राठौर के मुताबिक सरकार ने दूध, हल्दी, गेहूं, किन्नू और आम समेत कई कृषि उत्पादों के दाम में बढ़ोतरी की है, लेकिन सेब के एमआईएस मूल्य में अब तक संशोधन नहीं किया गया है। विधायकों ने सरकार से सेब उत्पादकों की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए एमआईएस दर जल्द बढ़ाने की मांग की है।
