शिमला में टनल निर्माण के बीच कई मकानों में दरारें पड़ने से इलाके में दहशत का माहौल
हालात को देखते हुए प्रशासन ने फोरलेन टनल का काम तत्काल प्रभाव से रुकवाया
शिमला। शिमला के शांति विहार वार्ड के समिट्री और ढींगू बावड़ी इलाके में कई भवनों में दरारें आने की शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया है। शनिवार को एडीएम प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी की अगुवाई में प्रशासनिक टीम ने प्रभावित मकानों का निरीक्षण किया और भवन मालिकों व स्थानीय लोगों से उनकी शिकायतें सुनीं।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि क्षेत्र के कई मकानों की दीवारों, फर्श और डंगों में दरारें पड़ी हैं। बताया गया कि सर्वे किए गए 10 मकानों में से 8 में इस तरह का नुकसान सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि फोरलेन टनल निर्माण के दौरान हो रही ब्लास्टिंग और भूमिगत गतिविधियों के कारण भवनों को नुकसान पहुंचा है।
मौके पर निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। प्रशासन ने एनएचएआई को टनल निर्माण कार्य तत्काल रोकने और प्रभावित भवनों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मकानों में आई दरारों के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कराने को कहा गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि टनल निर्माण के कारण उनकी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। उन्होंने मांग की है कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या तकनीकी विशेषज्ञों से करवाई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भवनों में आई दरारों के पीछे टनल निर्माण की भूमिका कितनी है।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही टनल निर्माण दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। प्रभावित लोगों ने भी स्पष्ट किया है कि भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए।
पूर्व महापौर संजय चौहान ने भी मौके का निरीक्षण करने के बाद तकनीकी विशेषज्ञों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में भविष्य में और नुकसान की आशंका सामने आती है तो टनल के एलाइनमेंट में बदलाव जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, टनल निर्माण वाले क्षेत्र में करीब 250 से 300 मकानों पर संभावित असर को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में अब प्रशासन के सामने प्रभावित भवनों की सुरक्षा के साथ-साथ टनल निर्माण से होने वाले संभावित प्रभावों का वैज्ञानिक आकलन कराने की चुनौती है।
