डलहौजी में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बस अड्डे के पास एक भालू सिर में कनस्तर फंसे हुए आबादी के बीच घूमता दिखाई दिया
कनस्तर के कारण भालू ठीक से देख नहीं पा रहा था और करीब छह घंटे तक वन विभाग की टीम उसे सुरक्षित रेस्क्यू करने में सफल रही
चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पर्यटन नगरी डलहौजी में शनिवार सुबह भालू के आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। बस अड्डे के समीप नजर आए भालू के सिर में एक कनस्तर फंसा हुआ था। वह परेशान हालत में इधर-उधर घूम रहा था।
भालू को इस स्थिति में देखकर स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने लोगों को भालू से दूरी बनाए रखने की हिदायत दी और उसे सुरक्षित पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया।
सुबह पांच बजे शुरू हुआ रेस्क्यू
डीएफओ डलहौजी कुलदीप जम्वाल के अनुसार, वन विभाग को सुबह करीब पांच बजे भालू के आबादी में पहुंचने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। भालू को सुरक्षित तरीके से पकड़ने में करीब छह घंटे का समय लगा।
रेस्क्यू के बाद भालू को पहले पिंजरे में सुरक्षित किया गया। इसके बाद उसके सिर में फंसे कनस्तर को काटकर सावधानीपूर्वक हटाया गया। विभाग के मुताबिक भालू पूरी तरह स्वस्थ था और उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कनस्तर भालू के सिर में किस तरह फंसा। वन क्षेत्र से घिरे डलहौजी में जंगली जानवरों का आबादी की ओर आना कभी-कभार देखने को मिलता है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगली जानवर दिखाई देने पर उनके करीब जाने या उन्हें परेशान करने के बजाय तुरंत विभाग को सूचना दें।
