जिसे भाई-भाभी ने मृत समझकर झील किनारे फेंक दिया था, वह 9 दिन बाद जिंदा मिला
पुलिस जिस शख्स को झील और आसपास के इलाकों में तलाश रही थी, वह स्वारघाट के पास एक ढाबे में काम करता मिला
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मदन लाल नामक व्यक्ति को उसके भाई और भाभी ने मृत समझ लिया और कथित तौर पर गोबिंद सागर झील के पास छोड़ दिया। पुलिस ने जब उसकी तलाश शुरू की तो शुक्रवार सुबह वह जिंदा मिल गया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मदन लाल के भाई बिशन दास और उसकी पत्नी रानो देवी ने बताया था कि 11 सितंबर को झगड़े के दौरान मदन लाल की मौत हो गई थी। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर उसे चांगरू के पास गोबिंद सागर झील के नजदीक छोड़ दिया।
पुलिस ने झील और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन मदन लाल का कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि उसे 13 सितंबर को मंडी भराड़ी और स्वारघाट के आसपास देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
लगातार तलाश के बाद शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे पुलिस को मदन लाल मिल गया। पुलिस के अनुसार, वह स्वारघाट की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ढाबे में काम कर रहा था।
मारपीट के बाद घर से निकला था
मदन लाल ने पुलिस को बताया कि 11 सितंबर को वह शराब के नशे में था। इसी दौरान उसका भाई बिशन दास के साथ विवाद हो गया और दोनों के बीच मारपीट हुई। उसका आरोप है कि इसी दौरान बिशन दास की पत्नी रानो देवी ने उसके सिर पर पत्थर से वार किया, जिससे उसे चोट लगी और खून निकलने लगा।
मदन लाल के अनुसार, चोट लगने के बाद वह दवाई और पट्टी करवाने गया और फिर घर लौट आया। उसका आरोप है कि घर पहुंचने के बाद दोनों ने उसके साथ दोबारा मारपीट की। इसके बाद वह बेहोश हो गया।
उसने पुलिस को बताया कि 12 सितंबर को जब उसे होश आया तो उसने खुद को चांगरू के पास गोबिंद सागर झील के किनारे पड़ा पाया। वहां से वह झील के किनारे होते हुए मंडी भराड़ी की तरफ चला गया। रास्ते में उसने एक केमिस्ट से मरहम और पट्टी खरीदी।
इसके बाद वह मंडी भराड़ी से स्वारघाट की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक ढाबे में पहुंचा और वहां काम करने लगा।
जिंदा मिलने के बाद बदला घटनाक्रम
मदन लाल के जिंदा मिलने से पुलिस के सामने मामले की पूरी तस्वीर बदल गई है। शुरुआती पूछताछ में भाई-भाभी ने उसकी मौत होने की बात बताई थी, जबकि अब मदन लाल ने पुलिस के सामने अपने साथ हुई कथित मारपीट और उसके बाद की घटनाओं के बारे में बयान दिया है।
पुलिस ने मदन लाल के जिंदा मिलने की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, मदन लाल और दोनों आरोपियों से सामने आए तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
