हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत—अब सीधी भर्ती से नई नौकरी मिलने पर भी वेतन नहीं होगा कम
वित्त विभाग ने पे प्रोटेक्शन व्यवस्था लागू कर दी है, जिसके तहत नए पद पर वेतन तय करते समय कर्मचारी के मौजूदा बेसिक पे को आधार बनाया जाएगा।
नौकरी बदलने पर वेतन घटने की चिंता खत्म
हिमाचल प्रदेश में सरकारी सेवा के दौरान सीधी भर्ती के जरिए किसी दूसरे या उच्च पद पर नियुक्त होने वाले कर्मचारियों के वेतन निर्धारण को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। वित्त विभाग ने पे प्रोटेक्शन की व्यवस्था लागू करते हुए निर्देश जारी किए हैं कि केवल पद बदलने के कारण कर्मचारी का मूल वेतन कम नहीं किया जाएगा।
नए पद पर वेतन तय करते समय कर्मचारी के मौजूदा मूल वेतन यानी बेसिक पे को आधार बनाया जाएगा। इसके लिए नए पद के संबंधित पे मैट्रिक्स लेवल में कर्मचारी के पुराने मूल वेतन के बराबर राशि का स्तर देखा जाएगा।
बराबर वेतन स्तर नहीं मिला तो अगला उच्च स्तर
यदि नए पद के पे मैट्रिक्स में कर्मचारी के मौजूदा बेसिक पे के बराबर वेतन स्तर उपलब्ध नहीं है, तो वेतन का निर्धारण तत्काल अगले उच्च स्तर पर किया जाएगा। यानी नई नियुक्ति के कारण कर्मचारी को पुराने मूल वेतन से कम वेतन पर नहीं लाया जा सकेगा।
यह व्यवस्था उन कर्मचारियों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो बेहतर पद, अवसर या सेवा शर्तों के लिए सीधी भर्ती के माध्यम से दूसरी सरकारी नौकरी हासिल करते हैं।
एक विभाग से दूसरे विभाग तक ही सीमित नहीं
वित्त विभाग के आदेश के मुताबिक पे प्रोटेक्शन का लाभ सिर्फ विभाग बदलने वाले कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। यदि कोई कर्मचारी उसी विभाग में किसी दूसरे पद के लिए सीधी भर्ती के माध्यम से चयनित होता है, तो वह भी इस व्यवस्था के दायरे में आएगा।
इसके अलावा बोर्डों, निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्त निकायों और विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारी यदि सीधी भर्ती के जरिए सरकारी पद पर नियुक्त होते हैं, तो उनके वेतन निर्धारण में भी इन प्रावधानों को लागू किया जाएगा।
2016 के संशोधित वेतनमान के बाद उठ रहे थे सवाल
प्रदेश में 1 जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान लागू होने के बाद सीधी भर्ती के जरिए दूसरे पद पर जाने वाले कर्मचारियों के वेतन निर्धारण को लेकर लगातार स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही थी। विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और स्वायत्त संस्थानों की ओर से वित्त विभाग को इस संबंध में संदर्भ भेजे जा रहे थे।
अब वित्त विभाग ने आदेश जारी कर वेतन निर्धारण की प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है।
सभी विभागों को अनुपालन के निर्देश
वित्त विभाग ने आदेश की प्रतियां सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, महालेखाकार (एजी) और जिला उपायुक्तों को भेजी हैं। संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस व्यवस्था से उन सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो सेवा में रहते हुए सीधी भर्ती के जरिए अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए दूसरे पदों पर आवेदन करते हैं।
