मंडी में रैपिडो की सवारी सेवा पर संकट, निजी बाइक से पैसेंजर ढोने वालों पर कार्रवाई; विभाग ने दी सख्त चेतावनी
मंडी, 18 सितंबर। मंडी में ऐप के जरिए बाइक टैक्सी की सुविधा शुरू होने के कुछ समय बाद ही इस सेवा को लेकर परिवहन विभाग और बाइक चालकों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि निजी नंबर वाले दोपहिया वाहनों से किराये पर यात्रियों को ले जाने की अनुमति नहीं है। विभाग ने ऐसी गतिविधियों में शामिल कुछ बाइक चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) मंडी नवीन कुमार ने 18 सितंबर को जारी जानकारी में बताया कि विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग अपनी गैर-परिवहन मोटरसाइकिल, स्कूटी और मोपेड का इस्तेमाल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्रियों को ले जाने के लिए कर रहे हैं। विभाग ने इसे निजी वाहनों का अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल माना है।
निजी बाइक से यात्रियों को ले जाने की अनुमति नहीं
आरटीओ के मुताबिक क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण या परिवहन विभाग मंडी की ओर से किसी भी निजी मोटरसाइकिल, मोपेड या स्कूटी को Rapido अथवा किसी अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्रियों के परिवहन की औपचारिक अनुमति नहीं दी गई है।
विभाग का कहना है कि निजी दोपहिया वाहनों से किराये पर सवारी ले जाना मोटर वाहन नियमों के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर प्रवर्तन टीम की ओर से कार्रवाई की जा रही है और संबंधित बाइक चालकों के चालान किए जा रहे हैं।
रैपिडो का स्थानीय संचालन भी जांच के दायरे में
मामला केवल बाइक चालकों की कार्रवाई तक सीमित नहीं है। परिवहन विभाग अब यह भी जानकारी जुटा रहा है कि मंडी में Rapido सेवा का स्थानीय स्तर पर संचालन कौन कर रहा है और बाइक चालकों को इस प्लेटफॉर्म से किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया है।
विभाग के अनुसार जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका सामने आती है और नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
एग्रीगेटर लाइसेंसिंग को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
परिवहन विभाग ने यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश में फिलहाल एग्रीगेटर के संचालन के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंसिंग व्यवस्था लागू नहीं हुई है। वहीं, केंद्र स्तर पर एग्रीगेटर से संबंधित प्रावधान मौजूद हैं, जिनमें राज्य सरकार से लाइसेंस और निर्धारित शर्तों के पालन का प्रावधान शामिल है।
यही वजह है कि मंडी में ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवा को लेकर नियमों और स्थानीय स्तर पर अनुमति की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ऑटो यूनियन पहले ही जता चुकी है विरोध
मंडी में Rapido के संचालन का ऑटो यूनियन की ओर से पहले ही विरोध किया जा चुका है। यूनियन का तर्क है कि निजी बाइक से यात्रियों को ले जाने की सुविधा मिलने से परमिट और अन्य निर्धारित नियमों के तहत संचालित ऑटो चालकों के सामने प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा होती है।
अब परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद इस सेवा को लेकर विवाद और बढ़ गया है।
रैपिडो कैप्टन ने कहा- रोजगार का जरिया बना
दूसरी ओर, मंडी में Rapido से जुड़ी कैप्टन पारुल अरोड़ा ने चालान की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ऐप से जुड़ने के बाद उन्हें रोजगार मिला है और वह मेहनत करके अपनी कमाई कर रही हैं।
पारुल का दावा है कि Rapido के जरिए आम लोगों को अपेक्षाकृत कम खर्च में सफर की सुविधा भी मिल रही है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी सेवाओं के लिए स्पष्ट नियम बनाकर उन्हें नियमित करने का रास्ता निकालना चाहिए, जिससे युवाओं को रोजगार और लोगों को परिवहन का वैकल्पिक साधन मिल सके।
विभाग ने लोगों से की अपील
आरटीओ नवीन कुमार ने मंडी की जनता से अपील की है कि अनधिकृत निजी वाहनों से यात्रा करने से बचें। उन्होंने यात्रियों को केवल विधिवत पंजीकृत और अधिकृत वाणिज्यिक वाहनों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
साथ ही निजी मोटरसाइकिल, स्कूटी और मोपेड मालिकों से भी कहा गया है कि वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से निजी वाहनों का अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल न करें।
आरटीओ ने स्पष्ट किया कि यदि कोई निजी दोपहिया वाहन व्यावसायिक गतिविधि या यात्रियों के अनधिकृत परिवहन में इस्तेमाल होता पाया गया तो मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में वाहन मालिक भी नियमानुसार जिम्मेदार हो सकता है।
फिलहाल मंडी में Rapido की बाइक टैक्सी सेवा का भविष्य परिवहन नियमों और स्थानीय स्तर पर नियामकीय व्यवस्था स्पष्ट होने पर निर्भर नजर आ रहा है।
