15 सितंबर से प्रक्रिया हुई शुरू, धान की 3 अक्टूबर से खरीद; जानें रजिस्ट्रेशन, MSP और खरीद केंद्रों की पूरी जानकारी
2461 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा एमएसपी
हिमाचल के किसानों के लिए बड़ी खबर! धान बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है और इस बार किसानों को पिछले साल से ज्यादा एमएसपी मिलेगा।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान खरीद की तैयारियां शुरू हो गई हैं। किसानों के लिए धान बेचने हेतु ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 से शुरू कर दी गई है। किसान एचपी एपीपी पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण कराने के साथ धान बिक्री के लिए टोकन भी बुक कर सकेंगे।
राज्य में धान की सरकारी खरीद 3 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 15 दिसंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान प्रदेश के चार जिलों—कांगड़ा, सोलन, ऊना और सिरमौर—में किसानों से धान खरीदा जाएगा।
पिछले साल से 72 रुपये ज्यादा MSP
भारत सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 72 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की निदेशक कुमुद सिंह ने किसानों से सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेचकर न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ उठाने की अपील की है। कृषि विभाग के अधिकारियों को भी किसानों तक MSP और सरकारी खरीद से जुड़ी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
चार जिलों में बनाए गए 11 खरीद केंद्र
सरकारी स्तर पर धान खरीद के लिए हिमाचल प्रदेश के चार सीमांत जिलों में कुल 11 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। किसान निर्धारित केंद्रों पर अपनी उपज बेच सकेंगे।
एग्रीस्टैक से भी होगा रजिस्ट्रेशन
इस बार किसानों को एग्रीस्टैक की फार्मर रजिस्ट्री के जरिए भी पंजीकरण की सुविधा दी गई है। इसके तहत किसान का व्यक्तिगत और जमीन से संबंधित डेटा ऑनलाइन उपलब्ध होगा।
एग्रीस्टैक में पंजीकृत किसानों को जमीन के सत्यापन के लिए पटवारी के पास अलग से जाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, बैंक खाते से संबंधित पूरी जानकारी किसान को खुद दर्ज करनी होगी।
वहीं, जो किसान एग्रीस्टैक में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें एचपी एपीपी पोर्टल पर अपनी पूरी जानकारी स्वयं भरनी होगी। ऐसे किसानों के मामले में जमीन का ऑनलाइन सत्यापन पटवारी द्वारा किया जाना अनिवार्य रहेगा।
कृषि अधिकारी करेंगे उपज की ऑनलाइन एंट्री
धान की उपज से जुड़ी जानकारी की एंट्री भी ऑनलाइन की जाएगी। कृषि अधिकारी किसान की उपज की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करेंगे। विभाग के अनुसार, यह प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रहेगी।
किसानों के लिए इस बार ऑनलाइन पंजीकरण के साथ टोकन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। ऐसे में सरकारी खरीद शुरू होने से पहले किसानों को अपना पंजीकरण पूरा कराने और जरूरी जानकारी सही तरीके से दर्ज करने की सलाह दी गई है।
