बिना जांच कालाअंब पहुंच रहा हरियाणा का पेयजल, गुणवत्ता पर उठे सवाल
20 लीटर के कैंपरों में खुले तौर पर हो रही पानी की सप्लाई, उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही गुणवत्ता की प्रमाणित रिपोर्ट
कालाअंब (सिरमौर)। कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के इलाकों में हरियाणा स्थित एक वाटर प्लांट से 20 लीटर के कैंपरों में पेयजल की आपूर्ति किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पानी को फिल्टर वाटर के नाम पर उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है, लेकिन पानी की गुणवत्ता से संबंधित कोई प्रमाणित रिपोर्ट या प्रमाण पत्र उपभोक्ताओं को उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। इससे पानी की शुद्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कालाअंब और आसपास के क्षेत्रों में हरियाणा से कैंपरों के माध्यम से बड़ी मात्रा में पानी की आपूर्ति की जा रही है। उनका आरोप है कि उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं दी जा रही कि पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच कब और किस प्रयोगशाला से करवाई गई है।
लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि बाहरी राज्य से कालाअंब में पहुंच रहे पेयजल के नियमित सैंपल लिए जाएं और उनकी प्रयोगशाला में जांच करवाई जाए। लोगों का कहना है कि पानी की गुणवत्ता की जांच होने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल रहा है।
स्थानीय लोगों ने यह भी मांग उठाई है कि यदि जांच के दौरान पानी की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि पेयजल की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
जलशक्ति विभाग ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
इस संबंध में जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता रोशन कुमार ने बताया कि मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्य से कालाअंब में होने वाली पेयजल आपूर्ति के सैंपल लिए जाएंगे और पानी की गुणवत्ता की जांच करवाई जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
