Home शिक्षा हिमाचल में शिक्षकों की बढ़ी टेंशन! दिन में 3 बार लगेगी डिजिटल हाजिरी, चूके तो कट सकता है वेतन

हिमाचल में शिक्षकों की बढ़ी टेंशन! दिन में 3 बार लगेगी डिजिटल हाजिरी, चूके तो कट सकता है वेतन

by Dainik Janvarta
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अब दिन में तीन बार लगेगी डिजिटल हाजिरी, एक स्लॉट भी छूटा तो वेतन पर पड़ सकता है असर।
शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ प्रधानाचार्यों की भी बढ़ी जिम्मेदारी, हर शिफ्ट की हाजिरी की रिपोर्ट तय समय पर भेजनी होगी।

सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों के लिए वीएसके पोर्टल पर नए टाइम स्लॉट तय, स्कूल के संचालन समय के अनुसार अलग-अलग रहेगा डिजिटल अटेंडेंस शेड्यूल

शिमला। हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। अब स्टाफ को एक दिन में तीन बार वीएसके यानी स्विफ्ट चैट पोर्टल पर अपनी हाजिरी दर्ज करनी होगी। निर्धारित समय के भीतर उपस्थिति दर्ज नहीं करने पर इसका असर अगले महीने के वेतन या मानदेय पर पड़ सकता है।

स्कूल शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों के संचालन समय के आधार पर डिजिटल हाजिरी के लिए अलग-अलग समय स्लॉट निर्धारित किए हैं। इसके साथ ही प्रधानाचार्यों को भी प्रत्येक चरण की उपस्थिति की रिपोर्ट निदेशालय को तय समय के भीतर भेजनी होगी।

ग्रीष्मकालीन स्कूलों में ये रहेगा टाइम स्लॉट

ग्रीष्मकालीन स्कूलों में कर्मचारियों को पहली चेक-इन हाजिरी सुबह 9:00 से 9:15 बजे के बीच दर्ज करनी होगी। दूसरी हाजिरी दोपहर 12:25 से 12:35 बजे और अंतिम चेक-आउट हाजिरी 3:00 से 3:10 बजे के बीच दर्ज होगी।

इन तीनों चरणों की रिपोर्ट प्रधानाचार्यों को क्रमश: 9:45 बजे, 12:50 बजे और 3:30 बजे तक निदेशालय भेजनी होगी।

अत्यधिक ग्रीष्मकालीन स्कूलों के लिए अलग समय

अत्यधिक ग्रीष्मकालीन स्कूलों में डिजिटल हाजिरी का पहला स्लॉट सुबह 8:00 से 8:15 बजे तक रहेगा। दूसरी हाजिरी 11:25 से 11:35 बजे और तीसरी यानी चेक-आउट हाजिरी दोपहर 2:00 से 2:10 बजे के बीच दर्ज करनी होगी।

प्रधानाचार्यों को इनकी रिपोर्ट क्रमश: 8:45 बजे, 11:50 बजे और 2:30 बजे तक भेजनी होगी।

शीतकालीन स्कूलों में शाम 4 बजे तक चलेगी प्रक्रिया

शीतकालीन स्कूलों में पहली डिजिटल हाजिरी सुबह 10:00 से 10:15 बजे तक, दूसरी दोपहर 1:25 से 1:35 बजे और तीसरी हाजिरी शाम 4:00 से 4:10 बजे के बीच दर्ज करनी होगी।

इनकी रिपोर्ट प्रधानाचार्यों को क्रमश: 10:45 बजे, 1:50 बजे और 4:30 बजे तक निदेशालय को उपलब्ध करवानी होगी।

सिर्फ 10 से 15 मिनट का मिलेगा मौका

नई व्यवस्था में प्रत्येक हाजिरी के लिए कर्मचारियों को केवल 10 से 15 मिनट का समय मिलेगा। निर्धारित स्लॉट खत्म होने के बाद उपस्थिति दर्ज नहीं होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी की हाजिरी पर सवाल उठ सकता है।

निदेशालय ने संस्था प्रमुखों को सभी कार्यदिवसों में स्टाफ की तीनों डिजिटल हाजिरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यानी कर्मचारियों को समय पर चेक-इन, मध्यावधि और चेक-आउट तीनों उपस्थिति दर्ज करनी होगी।

वेतन बिल से जोड़ी जाएगी डिजिटल उपस्थिति

वीएसके पोर्टल पर दर्ज होने वाली डिजिटल हाजिरी का सत्यापन वेतन बिलों से किया जाएगा। यदि कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपस्थिति दर्ज नहीं करता है, तो नियमानुसार अगले महीने के वेतन या मानदेय में कटौती की जा सकती है।

विभाग वीएसके की उपस्थिति व्यवस्था को ई-वेतन प्रणाली से जोड़ने की तैयारी भी कर रहा है। ऐसा होने के बाद भविष्य में वेतन बिलों का सत्यापन डिजिटल और स्वचालित तरीके से किए जाने की संभावना है।

प्रधानाचार्यों पर भी रहेगी निगरानी

नई व्यवस्था के तहत केवल कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि स्कूल प्रमुखों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। प्रधानाचार्यों और अन्य संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल के सभी कर्मचारी निर्धारित तीनों समय स्लॉट में डिजिटल हाजिरी दर्ज करें और उसकी रिपोर्ट भी समय पर निदेशालय को भेजी जाए।

सभी उप निदेशकों, प्रधानाचार्यों और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा को वीएसके पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के लिए कहा गया है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्कूलों में स्टाफ की उपस्थिति की डिजिटल निगरानी पहले के मुकाबले अधिक सख्त होगी। निर्धारित समय पर तीनों हाजिरी दर्ज करना कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि डिजिटल उपस्थिति का सीधा संबंध भविष्य में वेतन सत्यापन से जुड़ सकता है।

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