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हमीरपुर में सरकारी पाइपों से घर की रेलिंग! विजिलेंस की छापेमारी में खुला मामला, मौके से काटे गए सैंपल
जल शक्ति विभाग की महिला कर्मचारी के घर पर मिली सरकारी मोहर लगी पाइपें, शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
सरकारी पाइपों के कथित दुरुपयोग का आरोप
हमीरपुर। जिले के तरोपका गांव में सरकारी पाइपों के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद विजिलेंस टीम ने एक घर में कार्रवाई की। आरोप है कि जल शक्ति विभाग के स्टोर से कनेक्शन के लिए जारी की गई पाइपों का इस्तेमाल मकान की छत पर रेलिंग बनाने में किया गया। जांच के दौरान रेलिंग में लगी कुछ पाइपों पर सरकारी मोहर भी मिली है।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस थाना हमीरपुर की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने रेलिंग में लगी पाइपों के कुछ हिस्सों को काटकर सैंपल के तौर पर लिया। इन सैंपलों को आगे की जांच के लिए जल शक्ति विभाग को सौंप दिया गया है। परिवार को पाइपों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने की हिदायत दी गई है।
OBC आयोग के सदस्य ने की थी शिकायत
इस मामले की शिकायत हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य राजीव राणा ने विजिलेंस से की थी। राणा का आरोप है कि वर्ष 2022 में जल शक्ति विभाग के स्टोर से कनेक्शन के लिए जारी की गई पाइपों का इस्तेमाल मकान की रेलिंग बनाने में किया गया।
राणा के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान रेलिंग में लगी पाइपों पर सरकारी मोहर दिखाई दी, जिसे जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, पाइप वास्तव में विभाग के स्टोर से ही जारी हुई थीं या नहीं, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
महिला कर्मचारी ने बताया अलग पक्ष
मकान में रहने वाली जल शक्ति विभाग की महिला कर्मचारी ने आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उसने यह मकान वर्ष 2021 में खरीदा था। उसके अनुसार मकान में जल जीवन मिशन के तहत सरकारी नल के लिए पहले से पाइप बिछाई गई थी।
महिला कर्मचारी के मुताबिक बाद में पीवीसी पाइप के जरिए कनेक्शन देने के लिए पुरानी पाइप को उखाड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान मकान के पूर्व मालिक को भी मौके पर बुलाया गया। पूर्व मालिक ने बताया कि कनेक्शन के लिए पाइप लगाई गई थी, लेकिन उस समय कितनी पाइप बिछाई गई थीं, इसकी सटीक जानकारी उसे अब याद नहीं है।
मौके पर पहुंचे कांग्रेस के दो नेता
विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान नादौन विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कांग्रेस के दो नेता भी मौके पर पहुंचे। इनमें से एक को महिला कर्मचारी का करीबी रिश्तेदार बताया गया है। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद नेताओं और शिकायतकर्ता के बीच भी बातचीत हुई।
महिला कर्मचारी फिलहाल सुजानपुर में तैनात है। इससे पहले वह जल शक्ति विभाग के हमीरपुर मंडल के तहत कार्यरत थी।
विजिलेंस की सूचना पर JE को भेजा: सहगल
जल शक्ति विभाग मंडल हमीरपुर के अधिशासी अभियंता राजीव सहगल ने बताया कि उन्हें विजिलेंस की ओर से मामले की जानकारी दी गई थी। इसके बाद विभाग की ओर से कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेजा गया।
उन्होंने कहा कि विजिलेंस टीम ने पाइपों के सैंपल विभाग को सौंपे हैं। मामले में विस्तृत विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल विजिलेंस को मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई हुई है और सैंपल जांच के लिए विभाग के पास हैं।
सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग पर कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता राजीव राणा ने कहा कि सरकारी संपत्ति के कथित दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान सरकारी मोहर लगी पाइपें रेलिंग में लगी मिली हैं।
राणा ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे दो कांग्रेस नेताओं ने उन्हें मुख्यमंत्री से शिकायत करने की चेतावनी दी। हालांकि, मामले के इस पहलू पर भी संबंधित पक्षों की स्थिति और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
अब पूरे मामले में सैंपल की जांच और विभागीय पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रेलिंग में लगी पाइपें वास्तव में जल शक्ति विभाग की सरकारी सप्लाई का हिस्सा थीं या नहीं। जांच के निष्कर्ष पर ही कथित सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग के आरोपों की वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।
