हिमाचल में मानसून का कहर: 101 सड़कें बंद, 84 ट्रांसफार्मर ठप, 24 पेयजल योजनाएं प्रभावित
सुबह की सरकारी रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, मंडी-शिमला-कुल्लू सबसे ज्यादा प्रभावित; कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने एक बार फिर पहाड़ों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। राज्य के कई हिस्सों में सड़कें बंद होने के साथ बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 13 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 101 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। वहीं 84 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) ठप पड़े हैं और 24 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें प्रभावित
मंडी जिला मानसून की मार से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है। यहां कुल 33 सड़कें बंद हैं। इनमें सराज की 28, सुंदरनगर की एक, सरकाघाट की तीन और थलौट की एक सड़क शामिल है।
बिजली आपूर्ति पर भी बारिश का असर पड़ा है। गोहर उपमंडल में 40 ट्रांसफार्मर बाधित बताए गए हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है।
शिमला में जुब्बल की 28 सड़कें बंद
शिमला जिले में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। यहां कुल 31 सड़कें बंद हैं। इनमें अकेले जुब्बल की 28 सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा रामपुर में दो और सुन्नी में एक सड़क बंद है।
बिजली व्यवस्था की बात करें तो रामपुर में दो और ठियोग में तीन ट्रांसफार्मर बाधित हैं। ठियोग में 24 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
कुल्लू में 19 सड़कें बंद, आनी में बिजली संकट
कुल्लू जिले में कुल 19 सड़कें बंद हैं। इनमें कुल्लू उपमंडल की चार, बंजार की दो, आनी की 10 और निरमंड की तीन सड़कें शामिल हैं।
आनी क्षेत्र में 32 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित होने की सूचना है। इसके अलावा चंबा के डलहौजी में सात ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं।
इन जिलों में भी बारिश का असर
कांगड़ा में 10 सड़कें बंद हैं। लाहौल-स्पीति के उदयपुर में एक, सिरमौर के नाहन में तीन, सोलन के कसौली में एक और ऊना में तीन सड़कें बंद हैं।
वहीं राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर, हमीरपुर और किन्नौर में फिलहाल कोई सड़क बंद नहीं है।
बहाली कार्य के सामने बड़ी चुनौती
मानसून की बारिश का दौर जारी रहने के कारण बंद सड़कों को खोलना और बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका के बीच राहत एवं बहाली कार्यों पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल प्रदेश में 101 सड़कें, 84 बिजली ट्रांसफार्मर और 24 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि मानसून ने हिमाचल के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है।
