गुरु संवाद में हिमाचल-उत्तराखंड के शिक्षकों का सम्मान
शिक्षा में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाले शिक्षकों को मिला विशिष्ट सम्मान, उत्कृष्ट शैक्षणिक नेतृत्व के लिए भी शिक्षक सम्मानित।
देहरादून में आयोजित गुरु संवाद में 100 से अधिक शिक्षकों ने साझा किए अनुभव, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुआ मंथन।
देहरादून/पांवटा साहिब (सिरमौर)। डॉल्फिन इंस्टीट्यूट ऑफ बायो मेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज, सुद्धोवाला में आयोजित गुरु संवाद कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 100 से अधिक चयनित शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संस्थान के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित रजत जयंती समारोह का हिस्सा रहा।
कार्यक्रम में शहीद कमल कान्त मैमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कोटड़ी ब्यास के अंग्रेजी प्रवक्ता चत्तर सिंह चौहान और हिल व्यू पब्लिक स्कूल, माजरा की वरिष्ठ संकाय सदस्य अनिता देवी को विशिष्ट शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया।
वहीं, हिल व्यू पब्लिक स्कूल, माजरा के निदेशक अजय शर्मा, प्रधानाचार्य आशु शर्मा तथा शहीद कमल कान्त मैमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कोटड़ी ब्यास के प्रधानाचार्य जीवन प्रकाश जोशी को उत्कृष्ट शैक्षणिक नेतृत्व सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड उच्च शिक्षा निदेशक कुलदीप गैरोला रहे, जबकि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT), नई दिल्ली के सदस्य गगन गुप्ता ने अध्यक्षता की। महाविद्यालय की प्राचार्या शैलजा पंत ने अतिथियों और प्रतिभागी शिक्षकों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि कुलदीप गैरोला ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखते हुए बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलावों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम अध्यक्ष गगन गुप्ता ने शिक्षा में नवाचार की आवश्यकता पर जोर देते हुए शिक्षकों से विद्यार्थियों में रचनात्मक एवं नवाचारी सोच विकसित करने का आह्वान किया।
एनईपी-2020 पर हुआ सार्थक संवाद
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आधारित गुरु संवाद एवं पैनल चर्चा रही। शिक्षकों ने विद्यालयी स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और चुनौतियों से जुड़े सवाल विशेषज्ञों के समक्ष रखे।
पैनल में हिल व्यू पब्लिक स्कूल, माजरा के निदेशक अजय शर्मा, सरस्वती विद्या मंदिर मसूरी के प्रधानाचार्य मनोज रियाल, NCERT सदस्य गगन गुप्ता, उत्तराखंड उच्च शिक्षा निदेशक कुलदीप गैरोला, डूंगा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य तथा जीवन प्रकाश जोशी शामिल रहे।
चर्चा में नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षण-पद्धति में बदलाव, विद्यालयी स्तर की व्यावहारिक चुनौतियों, शैक्षणिक नवाचार और विद्यार्थियों में रचनात्मक कौशल के विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। शिक्षकों ने अपने अनुभव और समस्याएं भी साझा कीं।
समापन अवसर पर डॉल्फिन संस्थान के महाप्रबंधक आशीष गुप्ता ने अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षकों से निरंतर नवाचार अपनाने और विद्यार्थियों में रचनात्मक कौशल विकसित करने के लिए उन्हें प्रेरित करने का आह्वान किया।
गुरु संवाद कार्यक्रम ने शिक्षकों को अनुभव साझा करने, शैक्षणिक नवाचारों पर चर्चा करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को विद्यालयी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए नए दृष्टिकोण तलाशने का मंच प्रदान किया।
