Home क्राइम कालाअंब में 6.55 करोड़ के फर्जी कर-क्रेडिट जाल का पर्दाफाश, फार्मा कंपनी का प्रबंध निदेशक गिरफ्तार

कालाअंब में 6.55 करोड़ के फर्जी कर-क्रेडिट जाल का पर्दाफाश, फार्मा कंपनी का प्रबंध निदेशक गिरफ्तार

by Dainik Janvarta
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कालाअंब में फर्जी चालानों के जरिए कर-लाभ और माल एवं सेवा कर वापसी लेने के कथित खेल का खुलासा, 10 गैर-मौजूद फर्मों से जुड़े 5.55 करोड़ के कर-लाभ की जांच

कालाअंब (सिरमौर)। हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और जीएसटी रिफंड हासिल करने के कथित खेल का बड़ा खुलासा हुआ है। सीजीएसटी की कार्रवाई में 6.55 करोड़ रुपये के अपात्र आईटीसी नेटवर्क का पता चला है और मामले में एक फार्मा कंपनी के प्रबंध निदेशक को गिरफ्तार किया गया है।

केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्त कार्यालय शिमला के प्रिवेंटिव विंग ने यह कार्रवाई की है। जांच के दौरान कालाअंब के जोहड़ों क्षेत्र में स्थित मैसर्स समय फार्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गौरव जैन को गिरफ्तार किया गया।

जांच एजेंसी के अनुसार, दिल्ली की समय फार्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स ड्यूल हेल्थकेयर ने कथित तौर पर ऐसी फर्मों से जारी इनवॉइस के आधार पर आईटीसी का लाभ लिया, जिनके अस्तित्व और वास्तविक कारोबारी गतिविधियों पर सवाल पाए गए। जांच में करीब 5.55 करोड़ रुपये के आईटीसी का संबंध 10 कथित गैर-मौजूद आपूर्तिकर्ता फर्मों के इनवॉइस से सामने आया है।

अधिकारियों को ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जिनमें माल की आपूर्ति दिखाई गई थी, लेकिन उसकी वास्तविक आवाजाही की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके लिए ई-वे बिल और टोल प्लाजा से मिले डेटा की जांच की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अधिकारियों ने फर्जी इनवॉइस के जरिए आईटीसी लेने और बाद में उसे जीएसटी रिफंड दावों में शामिल कर नकद रिफंड हासिल करने के कथित प्रयास की बात कही है।

ड्यूल हेल्थकेयर को शेल इकाई के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप

जांच के दौरान अधिकारियों ने कथित फर्जी फर्मों, बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के तैयार किए गए इनवॉइस, संदिग्ध अकाउंटिंग एंट्री और शेल इकाइयों के इस्तेमाल से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं। मामले में कई लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।

जांच एजेंसी ने डिजिटल साक्ष्यों के साथ-साथ व्हाट्सऐप चैट और बैंकिंग लेन-देन की भी पड़ताल की। अधिकारियों का दावा है कि ड्यूल हेल्थकेयर का इस्तेमाल कथित तौर पर शेल इकाई के रूप में किया जा रहा था, जिसके संचालन में गौरव जैन की सक्रिय भूमिका सामने आई।

उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर गौरव जैन को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 69(1) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

सीजीएसटी की इस कार्रवाई से कालाअंब के औद्योगिक क्षेत्र में फर्जी इनवॉइस और आईटीसी के कथित नेटवर्क को लेकर जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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