पांच दिन से लापता चार साल की मासूम आर्या का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। NDRF के बाद पुलिस के स्निफर डॉग ने खंगाला इलाका, खड्ड का बहाव मोड़ने पर भी खाली हाथ रही रेस्क्यू टीम।
200 से ज्यादा ग्रामीण लगातार जुटे तलाश में, JCB से खड्ड का पानी मोड़कर भी की गई खोज; परिजनों और ग्रामीणों को अब भी बच्ची के मिलने की उम्मीद
संगड़ाह (सिरमौर)। जिला सिरमौर के संगड़ाह उपमंडल की लानाचेता पंचायत के घेवना गांव से लापता चार वर्षीय आर्या की तलाश पांचवें दिन भी जारी रही। लगातार चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद बच्ची के संबंध में अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। गुरुवार को पुलिस ने स्निफर डॉग की मदद से आसपास के इलाके में खोज अभियान चलाया। इस दौरान एसडीएम संगड़ाह सुनील कायथ भी मौके पर मौजूद रहे।
आर्या की तलाश के लिए रविवार से ही स्थानीय ग्रामीण लगातार जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि 200 से अधिक ग्रामीण अलग-अलग हिस्सों में बच्ची को खोज रहे हैं। मंगलवार और बुधवार को NDRF की टीम ने भी क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन बच्ची का पता नहीं चल सका।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस और स्थानीय रेस्क्यू टीम ने खड्ड के आसपास भी गहन जांच की। SHO संगड़ाह की मौजूदगी में JCB मशीन की सहायता से बच्ची के घर के समीप बह रही खड्ड के पानी का रुख दूसरी ओर मोड़ा गया, ताकि संभावित स्थानों पर तलाश की जा सके। इसके बावजूद कोई सुराग नहीं मिला।
गुरुवार को पुलिस के खोजी कुत्ते को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया। पंचायत प्रधान सुनील ठाकुर के अनुसार ग्रामीणों ने स्निफर डॉग के साथ इलाके के विभिन्न हिस्सों में बच्ची की तलाश की। स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्या उस समय लापता हुई, जब उसके माता-पिता खेत में काम करने गए थे। उस वक्त बच्ची अपने भाई और बहन के साथ मोबाइल देख रही थी। इसके बाद वह अचानक वहां से गायब हो गई।
बच्ची के लापता होने के बाद से परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। ग्रामीण भी दिन-रात सर्च अभियान में सहयोग दे रहे हैं। क्षेत्र में लोग बच्ची की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आर्या का कोई सुराग मिल सकता है।
सिरमौर के स्थानीय युवाओं ने इससे पहले भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खोज अभियान में अहम भूमिका निभाई है। संगड़ाह उपमंडल के चूड़धार जंगल में पंचकूला निवासी 28 वर्षीय अक्षय साहनी के लापता होने के मामले में भी स्थानीय युवाओं ने अभियान चलाकर 14 दिन बाद 10 मार्च 2025 को उनका शव बरामद किया था। उस अभियान में SDRF और प्रशासन की ओर से बुलाए गए पर्वतारोहियों ने भी तलाश की थी।
फिलहाल घेवना गांव में आर्या की तलाश जारी है और ग्रामीणों की निगाहें किसी संभावित सुराग पर टिकी हुई हैं।
