हर बच्चे की सेहत पर रहेगी नजर, आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण को बनाया जाएगा जनभागीदारी का अभियान
सिरमौर में 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक मनाया जा रहा 9वां राष्ट्रीय पोषण माह, ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है इस वर्ष की थीम
नाहन (सिरमौर)। जिला स्तरीय 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का शुभारंभ बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय नाहन के सभागार में किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी, सिरमौर पवन गर्ग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। पोषण माह का आयोजन 9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन गर्ग ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना को धरातल पर उतारने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, विभागीय कर्मचारियों और समुदाय की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे की ऊंचाई और वजन का नियमित एवं सही मापन किया जाए तथा उसके विकास की निरंतर निगरानी रखी जाए। यदि किसी बच्चे की ऊंचाई, वजन अथवा विकास में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई जाती है तो उसकी पहचान कर उस पर विशेष ध्यान दिया जाए।
आहार में विविधता और प्रोटीन पर जोर
पवन गर्ग ने आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों और महिलाओं के भोजन में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों को शामिल करना स्वस्थ वृद्धि एवं विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। साथ ही, आंगनवाड़ी केंद्रों में ताजा एवं गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जीवन के शुरुआती वर्षों में उचित पोषण, देखभाल, खेल और सीखने के अवसर बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। प्रारंभिक बाल्यावस्था में पोषण पर विशेष ध्यान देना बच्चों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
मातृ स्वास्थ्य और पीएमएमवीवाई की दी जानकारी
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के माध्यम से पात्र महिलाओं को उपलब्ध करवाए जा रहे लाभों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने तथा मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में जिला आयुर्वेदिक कार्यालय से डॉ. ममता जैन ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आयुर्वेद एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने दैनिक जीवन में आयुर्वेदिक पद्धतियों के उपयोग तथा स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों के स्वास्थ्यवर्धक गुणों के बारे में विस्तार से बताया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय नाहन से डॉ. शबरातन जबीन ने आहार में विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, बच्चों एवं महिलाओं के भोजन में विभिन्न खाद्य पदार्थों को शामिल करने तथा स्तनपान के महत्व के बारे में जानकारी दी।
सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने पर बल
बाल विकास परियोजना अधिकारी इशाक मोहम्मद ने सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पोषण संबंधी गतिविधियों में परिवार और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है, तभी पोषण अभियान को व्यापक स्तर पर सफल बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में जिला पोषण समन्वयक राजेश शर्मा, पीएमएमवीवाई समन्वयक प्रियंका, आईसीडीएस पर्यवेक्षक तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने-अपने विभाग एवं कार्यक्षेत्र से संबंधित विषयों के साथ-साथ राष्ट्रीय पोषण माह की थीम एवं उप-थीमों पर विचार साझा किए।
