हिमाचल की सियासत में बड़े फेरबदल की आहट ने कांग्रेस के भीतर हलचल तेज कर दी है। चुनाव से करीब एक साल पहले मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चा के बीच कई मंत्री दिल्ली में हाईकमान के दरबार में अपनी जगह और विभाग बचाने की कोशिश में जुटे हैं।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की दिल्ली दौड़ और कांग्रेस नेताओं से मुलाकातों के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री बुधवार शाम नई दिल्ली से चंडीगढ़ लौट आए, जबकि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत कई कैबिनेट मंत्री अभी दिल्ली में डटे हुए हैं।
कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर राज्य मंत्रिमंडल में खाली पड़े एक पद को भरने के साथ-साथ विभागों में फेरबदल और नए चेहरे को शामिल करने को लेकर मंथन चलने की चर्चा है। संभावित बदलाव को लेकर मंत्रियों की बेचैनी भी बढ़ गई है। कई मंत्री अपने मौजूदा विभागों को बरकरार रखने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारियों की मांग भी उठा सकते हैं।
सुंदर ठाकुर के नाम पर चर्चा, दूसरे दावेदार भी सक्रिय
सूत्रों के मुताबिक कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर सहमति बन चुकी है। हालांकि, पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल समेत कुछ अन्य वरिष्ठ विधायकों के नाम भी चर्चा में हैं। कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता इन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह देने की पैरवी कर रहे हैं।
दिल्ली में मौजूद मंत्रियों की कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकातों का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। इन बैठकों में सरकार के कामकाज, संगठन की स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा होने की बात सामने आ रही है।
मंत्रियों के प्रदर्शन की भी होगी समीक्षा
संभावित फेरबदल की स्थिति में मंत्रियों के लिए अपने विभागीय प्रदर्शन का हिसाब देना अहम हो सकता है। हाईकमान के सामने मंत्री अपने विभाग की उपलब्धियां, सरकार की योजनाओं की प्रगति और अपने विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति रख सकते हैं।
अगर फेरबदल बड़ा हुआ तो एक-दो मंत्रियों की छुट्टी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जाने की चर्चा भी है। ऐसे में सिर्फ विभागीय कामकाज ही नहीं, बल्कि संबंधित मंत्री की अपने क्षेत्र में पकड़, संगठन के साथ तालमेल और जनता के बीच प्रभाव को भी परखा जा सकता है।
2027 के चुनाव पर टिकी हाईकमान की नजर
कांग्रेस के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार के पास अब चुनावी तैयारी के लिए करीब एक साल का समय है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ऐसा मंत्रिमंडल तैयार करने की कोशिश कर सकता है, जो प्रशासनिक कामकाज के साथ चुनावी मोर्चे पर भी प्रभावी प्रदर्शन कर सके।
पिछली सरकारों का चुनावी रिकॉर्ड भी इस पूरी कवायद में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जयराम ठाकुर सरकार के दौरान कई मंत्री विधानसभा चुनाव हार गए थे। वीरभद्र सिंह सरकार के समय भी कई बड़े नाम चुनाव में जीत नहीं दोहरा सके थे। ऐसे में इस बार मंत्रियों की चुनावी पकड़ और दोबारा जीतने की संभावना को भी अहम पैमाना बनाया जा सकता है।
दिल्ली में कौन-कौन मंत्री?
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अलावा कृषि मंत्री चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के दिल्ली में होने की जानकारी है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल के लौटने की चर्चा है और बताया जा रहा है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर चुके हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार भी दिल्ली में थे और उनके लौटने की जानकारी है। सभी कैबिनेट मंत्रियों के शुक्रवार सुबह 11 बजे प्रस्तावित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने के लिए लौटने की उम्मीद है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस हाईकमान मंत्रिमंडल में सिर्फ खाली पद भरेगा या 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार में बड़ा संगठनात्मक और विभागीय बदलाव भी देखने को मिलेगा।
