त्रिलोकपुर स्कूल में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है! जर्जर भवन की दीवारों और छत से गिर रहा प्लास्टर, दरारों के बीच पढ़ने को मजबूर करीब 300 विद्यार्थी।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों ने डीसी से लगाई गुहार, स्कूल भवन दुरुस्त होने तक यात्री निवास में कक्षाएं लगाने की मांग।
कालाअंब (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय त्रिलोकपुर के पुराने और जर्जर भवन को लेकर विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर होता जा रहा है। मंगलवार को स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के पदाधिकारियों और अभिभावकों ने जिला उपायुक्त प्रियंका वर्मा से मुलाकात कर भवन की मौजूदा स्थिति से अवगत करवाया और तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की।
एसएमसी प्रधान पवन भारद्वाज सहित बिंदु देवी, याद राम, बलदेव सिंह, रुमाली देवी, रजनी और रीना ने उपायुक्त को बताया कि विद्यालय भवन का निर्माण वर्ष 1960 में हुआ था। छह दशक से अधिक पुराना यह भवन अब विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है।
अभिभावकों के अनुसार भवन की कई जगहों से प्लास्टर उखड़ चुका है। दीवारों में दरारें दिखाई दे रही हैं, जबकि छत की सीलिंग से भी प्लास्टर गिर रहा है। ऐसे हालात में बच्चों को इसी भवन में बैठाकर पढ़ाना किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।
विद्यालय में छठी से बारहवीं कक्षा तक करीब 300 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी को देखते हुए अभिभावकों ने कहा कि भवन की मरम्मत या नए भवन का निर्माण होने तक बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना जरूरी है।
यात्री निवास में कक्षाएं लगाने की मांग
एसएमसी पदाधिकारियों और अभिभावकों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि जब तक स्कूल भवन कक्षाएं संचालित करने योग्य नहीं हो जाता, तब तक विद्यालय परिसर के साथ लगते मंदिर न्यास समिति के यात्री निवास भवन में कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि इससे बच्चों को जर्जर भवन में बैठने से राहत मिलेगी और पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।
नवरात्र मेले की बैठक के दौरान डीसी से मिले अभिभावक
बताया जा रहा है कि मंगलवार को आश्विन मास नवरात्र मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करने के लिए जिला उपायुक्त प्रियंका वर्मा त्रिलोकपुर पहुंची थीं। इसी दौरान एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों ने उनसे मुलाकात कर स्कूल भवन की समस्या उनके सामने रखी।
ग्राम सभा में भी उठ चुका है मामला
स्कूल भवन की जर्जर हालत का मुद्दा इससे पहले 5 जुलाई को ग्राम पंचायत त्रिलोकपुर की ग्राम सभा में भी उठाया जा चुका है। ग्राम सभा में विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया था। अब अभिभावकों ने प्रशासन से जल्द कदम उठाकर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित कक्षाओं की व्यवस्था करने की मांग की है।
