हिमाचल की सियासत में बड़ा फेरबदल होने के संकेत, दिल्ली में जुटे CM सुक्खू समेत कई मंत्री
कैबिनेट विस्तार के साथ एक मौजूदा मंत्री की छुट्टी और नए चेहरे की एंट्री पर हाईकमान कर रहा मंथन।
शिमला/दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट विस्तार से पहले कांग्रेस के भीतर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत सरकार के कई मंत्री इन दिनों नई दिल्ली में हैं। कांग्रेस हाईकमान के साथ मंत्रिमंडल विस्तार के अलावा संभावित फेरबदल को लेकर भी चर्चा का दौर जारी है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहले से दिल्ली में मौजूद हैं। सोमवार को उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इसके बाद उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अलावा धनीराम शांडिल, चंद्र कुमार और हर्षवर्धन चौहान भी दिल्ली पहुंच गए हैं। विधायक एवं मंत्री रोहित ठाकुर पहले से ही दिल्ली में हैं। हालांकि मुख्यमंत्री बुधवार शाम तक शिमला लौट सकते हैं।
एक पद पहले से खाली, अब फेरबदल की भी चर्चा
प्रदेश मंत्रिमंडल में फिलहाल एक पद रिक्त है। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही नए मंत्री को जगह मिल सकती है। लेकिन इस बार मामला केवल कैबिनेट विस्तार तक सीमित नहीं रहने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि किसी मजबूत और सक्रिय चेहरे को सरकार में शामिल करने के लिए मौजूदा मंत्रियों में से एक को बाहर किया जा सकता है।
कांग्रेस हाईकमान की ओर से मंत्रियों के कामकाज और प्रदर्शन का भी आकलन किए जाने की बात सामने आ रही है। यदि विस्तार के साथ किसी मंत्री को हटाया जाता है तो इसे सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर बड़ा राजनीतिक संदेश माना जाएगा।
सुंदर ठाकुर का नाम सबसे आगे
कैबिनेट में नए चेहरे के तौर पर कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी उनके मंत्री बनने के संकेत पहले दे चुके हैं। इसके अलावा पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल भी मंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं। कांग्रेस के भीतर एक धड़ा आशीष बुटेल को मंत्रिमंडल में शामिल करने की पैरवी कर रहा है।
इसके साथ ही एक अन्य वरिष्ठ विधायक का नाम भी संभावित दावेदारों में चर्चा में है। ऐसे में अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान की सहमति और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर होने की संभावना है।
चुनावी समीकरण साधने की तैयारी
कैबिनेट विस्तार और संभावित फेरबदल को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकता है।
सूत्रों के मुताबिक कुछ मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल संभव है। ऐसे में दिल्ली में चल रही बैठकों पर हिमाचल की राजनीति की नजर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि हाईकमान के साथ मंथन के बाद कैबिनेट में सिर्फ एक नए चेहरे की एंट्री होती है या फिर सरकार के भीतर बड़ा फेरबदल देखने को मिलता है।
