शिक्षा-खेल में बड़े फैसलों का दावा, 15 हजार से अधिक शिक्षक पद भरने की प्रक्रिया का जिक्र
रोहित ठाकुर बोले—खिलाड़ियों से लेकर विद्यार्थियों तक सुविधाओं का विस्तार, राष्ट्रीय स्तर पर 48 बच्चों ने जीते पदक
नाहन, 06 सितंबर। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और प्रदेश शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हुआ है।
फागू में आयोजित जिला स्तरीय अंडर-19 छात्र खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान शिक्षा मंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों में शिक्षकों के 9 हजार पद भरे जा चुके हैं, जबकि 6 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। इस तरह वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 15 हजार से अधिक शिक्षकों के पद भरे जाने की बात कही गई।
उन्होंने कहा कि नव-नियुक्त शिक्षकों के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग शुरू की गई है, ताकि उन्हें नवीनतम शिक्षण पद्धतियों से अपडेट किया जा सके और उनके प्रशिक्षण के बाद किसी भी प्रकार के ज्ञान-अंतर को दूर किया जा सके।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं से 87 हजार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना, मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना सहित विभिन्न योजनाओं के तहत पिछले दो वर्षों में 92 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। बाल पोषण आहार योजना के तहत 15,181 स्कूलों के 5.34 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल विजेताओं की पुरस्कार राशि में भी वृद्धि की गई है। ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये, रजत पदक के लिए 2 करोड़ से 3 करोड़ तथा कांस्य पदक के लिए 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये की गई है।
एशियाई और पैरा एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि 50 लाख से बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये, रजत पदक के लिए 30 लाख से 2.50 करोड़ तथा कांस्य पदक के लिए 20 लाख से 1.50 करोड़ रुपये किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी। राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं के लिए भी पुरस्कार राशि का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 48 बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त किए हैं, जिनमें आठ स्वर्ण, 11 रजत और 29 कांस्य पदक शामिल हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा खेलों के साथ-साथ खिलाड़ियों की डाइट और यात्रा सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के भीतर तथा बाहर आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग दरों पर डाइट मनी और यात्रा सुविधा का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल को शिक्षा और खेल के क्षेत्र में और आगे ले जाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों के दूरगामी परिणाम प्रदेश के विद्यार्थियों और खिलाड़ियों के भविष्य को बेहतर बनाने में सहायक होंगे।
इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
