रामाधौण पंचायत में बारिश का कहर: 100 बीघा जमीन बही, पुल क्षतिग्रस्त; करोड़ों का नुकसान
नाहन। रामाधौण पंचायत के कन्यौण गांव में बारिश और नदी के तेज बहाव ने ऐसा कहर बरपाया कि 25-30 परिवारों की करीब 100 बीघा जमीन बह गई, जबकि गांव को जोड़ने वाले पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए। हालात इतने गंभीर हैं कि कई घरों और ग्रामीण रास्तों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
विकास खंड नाहन की रामाधौण और धगेड़ा पंचायतों में भारी बारिश से बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। रामाधौण पंचायत के कन्यौण गांव में नदी के तेज बहाव के कारण किसानों की जमीन बह गई। इसके अलावा धौण-संदूरिया-कन्यौण-पंजाहल संपर्क सड़क पर तीन पंचायतों को जोड़ने वाला पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे सैर बड़ोन, सनोगा बगड़ात, रेन पिरगड़ी सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए बीडीसी सदस्य वीरेंद्र ठाकुर ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि कन्यौण गांव में स्थिति सबसे अधिक गंभीर है। यहां 25-30 परिवारों की करीब 100 बीघा कृषि भूमि नदी के तेज बहाव में बह गई है। गांव के लिए बनाए गए दो छोटे पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
वहीं, धगेड़ा पंचायत में भी बारिश ने कई परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां चार से पांच परिवारों के घर-मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ घर मलबे की चपेट में आए हैं। कई स्थानों पर मकानों पर खतरा मंडरा रहा है और लिंक सड़कें अवरुद्ध होने से ग्रामीणों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि धगेड़ा का संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में नदी और खड्ड के तेज बहाव से बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है और स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि कन्यौण गांव के ऊपर से बहने वाला खड्ड आगे जाकर मरकंडा नदी में मिलता है। बरसात के दौरान खड्ड में पानी का बहाव अचानक बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते खड्ड के बहाव को नियंत्रित करने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में कई घरों और जमीन को और नुकसान हो सकता है।
प्रभावित ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाए जाएं, क्षतिग्रस्त पुलों और संपर्क मार्गों को जल्द बहाल किया जाए तथा नदी और खड्ड के बहाव को नियंत्रित करने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
दौरे के दौरान प्रभावित किसान ओमप्रकाश, मदन सिंह, संदीप, रिंकू, नरेश कुमार, बलवीर सिंह, राजेंद्र और रमेश सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने सरकार से नुकसान का उचित आकलन करवाकर प्रभावित परिवारों को जल्द राहत प्रदान करने की मांग की है।
