दूध की बेहतरीन क्वालिटी से चमकेगी किस्मत: कालाअंब में जुटे 200 से अधिक पशुपालक, भाटिया डेयरी के सम्मेलन में मिले कमाई बढ़ाने के गुरुमंत्र
कालाअंब: हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में गुरुवार को भाटिया डेयरी की ओर से भव्य किसान एवं पशुपालक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सीमावर्ती क्षेत्रों के 200 से अधिक किसानों और पशुपालकों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों की आय में इजाफा करने के साथ-साथ दूध के उत्पादन और उसकी गुणवत्ता में सुधार लाना, पशुओं के संतुलित आहार प्रबंधन और डेयरी व्यवसाय को आधुनिक रूप देना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. रणवीर सिंह सैनी ने पशुपालकों को विभिन्न बीमारियों, उनके बचाव और विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लंपी वायरस पर फैली भ्रांतियों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, “लंपी के लक्षण दिखने पर घबराने की बिलकुल आवश्यकता नहीं है। अफवाहों पर ध्यान न देकर समय पर नजदीकी पशु चिकित्सक की सलाह लें और सही उपचार कराएं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल अधिक चारा देने से दूध उत्पादन नहीं बढ़ता, बल्कि पशु की नस्ल, उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार ‘संतुलित पोषक आहार’ देना बेहद जरूरी है।
सम्मेलन के दौरान पशुपालकों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पादन का महत्व समझाया गया। वक्ताओं ने कहा कि दूध निकालते समय स्वच्छता बनाए रखने और दूध को सुरक्षित रखने से उपभोक्ताओं का भरोसा जीतना आसान होता है, जिससे बाजार में दूध के बेहतर दाम मिलते हैं। इसके अलावा किसानों को डेयरी फार्मिंग के लिए मिलने वाली सरकारी सब्सिडी, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी बीच मार्केट कमेटी के सचिव राजीव चोपड़ा ने किसानों को मंडी में फसल लाने से पहले उसे अच्छी तरह सुखाने की सलाह दी, ताकि उपज का उचित मूल्य मिल सके। भाटिया डेयरी के निदेशक आशु भाटिया ने आए हुए सभी अतिथियों व पशुपालकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि किसानों की प्रगति और ज्ञानवर्धन के लिए भाटिया डेयरी भविष्य में भी ऐसे जागरूकता सम्मेलन आयोजित करती रहेगी। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष (यमुनानगर) रमेश ठसका, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र राणा, मार्केट कमेटी चेयरमैन राकेश त्यागी, नवीन भसीन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
