Sirmaur News: रक्षाबंधन पर भी सराहां-नैना टिक्कर रूट पर बस सेवा ठप, ग्रामीणों को पैदल चलना पड़ा
रक्षाबंधन के त्योहार पर जब लोगों को अपने रिश्तेदारों तक पहुंचने के लिए बसों की जरूरत थी, उसी दिन सराहां-नैना टिक्कर रूट पर परिवहन व्यवस्था ठप हो गई।
सरकारी बस नहीं चली और निजी बसें भी रविवार को बंद रहीं, ऐसे में कई ग्रामीण महंगे निजी वाहनों का सहारा लेने या लंबी दूरी पैदल तय करने को मजबूर हुए।
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद उपमंडल के सराहां-मेहंदो बाग-नैना टिक्कर रूट पर रविवार को बस सेवा बाधित रहने से घिनी घाड क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। त्योहार के दिन परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने से ग्रामीणों में विभाग और निजी बस संचालकों के प्रति नाराजगी देखने को मिली।
जानकारी के अनुसार इस रूट पर चलने वाली सरकारी बस के चालक की रविवार सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई। इसके चलते निर्धारित बस सेवा संचालित नहीं हो सकी। वहीं, इस मार्ग पर चलने वाली निजी बसें रविवार को नियमित रूप से बंद रहती हैं। दोनों सेवाएं उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सराहां, बनाहां धिनी काटली, जामन की सैर, सुरला जनोट, कथाड़ और नैना टिक्कर समेत आसपास की कई पंचायतों के लिए यह महत्वपूर्ण परिवहन मार्ग है। इसके बावजूद बस सेवा नियमित नहीं रहने से लोगों को आए दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय निवासी सोमेश ठाकुर, सुनील कुमार, राजेंद्र सिंह, बलवीर ठाकुर, कमल शर्मा, देशराज सिंह और विजय पाल ने कहा कि सरकारी बस सेवा सप्ताह में कई बार बाधित हो जाती है। इससे नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने कहा कि रक्षाबंधन के चलते इन दिनों लोगों का अपने रिश्तेदारों के घर आना-जाना बढ़ जाता है। ऐसे में बस सेवा बंद रहने से महिलाओं और बच्चों को भी परेशानी हुई। ग्रामीणों ने परिवहन विभाग से मांग की है कि महत्वपूर्ण रूटों पर चालक की अनुपलब्धता जैसी स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
चालक की तबीयत बिगड़ने से बाधित हुआ रूट
सराहां बस अड्डा प्रभारी जगमोहन ठाकुर के अनुसार सरकारी बस के चालक की सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। रूट को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त चालक की मांग की गई है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अतिरिक्त चालक उपलब्ध होने के बाद आगामी दिनों में इस रूट सहित अन्य प्रभावित रूटों पर बस सेवा नियमित रूप से संचालित की जा सकेगी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सराहां-नैना टिक्कर जैसे महत्वपूर्ण रूट पर स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि किसी एक चालक के अनुपलब्ध होने पर पूरी परिवहन सेवा ठप न हो और लोगों को पैदल या महंगे निजी वाहनों का सहारा न लेना पड़े।
