सिरमौर में मंदिर के पुजारी पर गंभीर आरोप, मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल की शिकायत; पुलिस ने दर्ज की FIR
सिरमौर के नैनाटिक्कर क्षेत्र में मंदिर के पुजारी पर एक व्यक्ति से मारपीट करने और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। शिकायत में सिर पर डंडे से चोट पहुंचाने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में पच्छाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सराहाँ (सिरमौर)। मेहली गांव में सामने आए इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा है। शिकायतकर्ता बाला राम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 29 अगस्त को जल शक्ति विभाग से जुड़े काम के दौरान मंदिर के पुजारी के साथ उसका विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान उसके साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसके सिर पर डंडे से वार किया गया, जिससे उसे चोट लगी। इसके अलावा धमकी देने के आरोप भी शिकायत में लगाए गए हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत मिलने के बाद पच्छाद पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर ही आरोपों की पुष्टि और आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
दलित शोषण मुक्ति मंच ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मामले में दलित शोषण मुक्ति मंच ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया है। मंच के संयोजक आशीष कुमार ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने की मांग की है।
मंच का कहना है कि जांच के दौरान किसी एक पक्ष के आरोपों के बजाय सभी उपलब्ध साक्ष्यों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए। इसमें घायल व्यक्ति की मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाने की मांग की गई है।
आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की मांग
मंच ने कहा है कि यदि पुलिस जांच में मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सहित लागू अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
शिकायतकर्ता के परिवार की सुरक्षा की मांग
दलित शोषण मुक्ति मंच ने शिकायतकर्ता बाला राम और उसके परिवार पर किसी तरह का दबाव या धमकी नहीं बनने देने की भी मांग की है। मंच ने जरूरत पड़ने पर परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात कही है।
फिलहाल पच्छाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
