कालाअंब पंचायत प्रधान ने उठाया सवाल, टाइड फंड जलशक्ति विभाग को देने पर जताई आपत्ति; अन्य प्रधानों ने भी किया समर्थन
कालाअंब (सिरमौर)। पंचायतों के विकास के लिए मिलने वाली राशि पर आखिर फैसला कौन लेगा—पंचायत या विभाग? इसी सवाल को लेकर कालाअंब पंचायत के प्रधान यशपाल शर्मा ने नाहन में आयोजित बैठक के दौरान टाइड फंड को जलशक्ति विभाग के माध्यम से खर्च किए जाने पर आपत्ति जताई।
विकासखंड नाहन की 28 पंचायतों के प्रधानों की बैठक वीरवार को खंड विकास अधिकारी राहुल धीमान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पंचायतों को मिलने वाले रिसोर्स एनवेलप फंड के उपयोग और इसके तहत करवाए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि रिसोर्स एनवेलप फंड को टाइड और अनटाइड मद में 50:50 के अनुपात में खर्च किया जाएगा। एक वर्ष के दौरान पंचायत क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए इस राशि का उपयोग किया जाना है।
टाइड फंड के तहत पेयजल आपूर्ति योजनाओं के रखरखाव और मरम्मत के साथ-साथ सीवरेज प्रबंधन से जुड़े कार्य करवाए जाएंगे। इन कार्यों को तकनीकी आवश्यकताओं के चलते जलशक्ति विभाग के माध्यम से करवाने की व्यवस्था की गई है।
वहीं, अनटाइड फंड का उपयोग सड़क, रास्ते, नालियां, पंचायत भवन, पार्क, श्मशान घाट और अन्य स्थानीय विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। इन कार्यों को पंचायतें अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर स्वयं करवा सकेंगी।
कालाअंब प्रधान ने उठाया पंचायतों के अधिकार का मुद्दा
बैठक के दौरान कालाअंब पंचायत के प्रधान यशपाल शर्मा ने टाइड फंड से जुड़े कार्य जलशक्ति विभाग के माध्यम से करवाने की व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के विकास के लिए मिलने वाले बजट पर पंचायतों का अधिकार होना चाहिए और स्थानीय जरूरतों के अनुसार राशि के इस्तेमाल का निर्णय लेने में पंचायतों की भूमिका प्रमुख होनी चाहिए।
यशपाल शर्मा की इस आपत्ति का बैठक में मौजूद अन्य पंचायत प्रधानों ने भी समर्थन किया। प्रधानों का कहना था कि स्थानीय स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की जरूरतों और समस्याओं की बेहतर जानकारी होती है। ऐसे में विकास कार्यों के लिए उपलब्ध राशि के इस्तेमाल में पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण होनी चाहिए।
बीडीओ ने स्पष्ट की फंड खर्च करने की प्रक्रिया
मामले पर खंड विकास अधिकारी नाहन राहुल धीमान ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि रिसोर्स एनवेलप फंड को दो मदों—टाइड और अनटाइड—में बांटा गया है और दोनों मदों में 50:50 के अनुपात में राशि खर्च की जानी है।
उन्होंने बताया कि टाइड मद में जलशक्ति विभाग से संबंधित कार्य तकनीकी प्रकृति के होने के कारण विभाग के माध्यम से करवाए जाएंगे। हालांकि, इन कार्यों का अनुमोदन संबंधित पंचायत करेगी।
बीडीओ के अनुसार, अनटाइड मद के तहत आने वाले विकास कार्य पंचायतें अपनी प्राथमिकता के आधार पर स्वयं करवा सकेंगी। उन्होंने कहा कि नाहन विकासखंड की सभी 28 पंचायतों के प्रधानों को रिसोर्स एनवेलप फंड की व्यवस्था, दोनों मदों में राशि के उपयोग और विकास कार्यों को करवाने की प्रक्रिया के बारे में बैठक में विस्तृत जानकारी दी गई है।
बैठक में उठे इस मुद्दे ने पंचायतों को मिलने वाली विकास राशि के उपयोग और स्थानीय स्तर पर पंचायतों के अधिकार को लेकर चर्चा को भी सामने ला दिया है।
