हिमाचल में फिर बदलेगा मौसम, 31 अगस्त से भारी बारिश का अलर्ट; 54 सड़कें अब भी बंद
हिमाचल में मानसून एक बार फिर तेवर दिखाने वाला है। 31 अगस्त से अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी होने के बीच प्रदेश में पहले से बंद 54 सड़कों ने चिंता बढ़ा दी है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 31 अगस्त से 3 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान अलग-अलग जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
शनिवार को राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा। कई क्षेत्रों में धूप खिली रही, जबकि कुछ स्थानों पर हल्के बादल छाए रहे। कांगड़ा में शुक्रवार रात हुई भारी बारिश के बाद शनिवार को दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप के कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। धर्मशाला में दोपहर बाद बादल छाए रहे। हमीरपुर, ऊना और चंबा में भी मौसम सामान्य रहा।
31 अगस्त से बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 30 अगस्त और 4 सितंबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं 31 अगस्त से 3 सितंबर तक कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
31 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
1 सितंबर को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 2 सितंबर को हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश के इस दौर के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदी-नालों तथा खड्डों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का खतरा बना रह सकता है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
54 सड़कें अभी भी बंद
प्रदेश में मानसून के कारण कई सड़कें अभी भी यातायात के लिए बंद हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से सड़क संपर्क प्रभावित होने और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने की आशंका है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चालकों को मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मानसून में 250 लोगों की मौत
इस मानसून सीजन में प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। 30 जून से 29 अगस्त तक आपदा से संबंधित घटनाओं में 250 लोगों की मौत हुई है, जबकि 449 लोग घायल हुए हैं।
इनमें 103 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। इस अवधि में 32 पक्के और 67 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 432 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा 17 दुकानों और 382 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। मानसून के दौरान प्रदेश में अब तक कुल नुकसान का आंकड़ा करीब 118 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन और लोगों के लिए अगले कुछ दिन एक बार फिर चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं।
