हिमाचल में सड़क हादसों पर लगेगी लगाम, 239 ब्लैक स्पॉट होंगे सुरक्षित; तंग सड़कें 5 मीटर तक चौड़ी होंगी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रहे सड़क हादसों पर अब सरकार और संबंधित विभाग सख्ती से काम करने की तैयारी में हैं। प्रदेश के 239 पुराने ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने के साथ नए दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान की जाएगी, जहां जरूरत के मुताबिक सड़क को पांच मीटर तक चौड़ा किया जाएगा।
सड़क हादसों को कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग, पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर प्रदेश में ब्लैक स्पॉट की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। पुराने चिन्हित ब्लैक स्पॉट में आवश्यक सुधार कार्य करवाए जाएंगे, जबकि हादसों के नए आंकड़ों के आधार पर कुछ नए स्थानों को भी ब्लैक स्पॉट की सूची में शामिल किया जा सकता है।
तंग सड़कों और खतरनाक मोड़ों पर विशेष फोकस
दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के साथ क्रैश बैरियर, सड़क संकेतक, रिफ्लेक्टर, रोड मार्किंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। जहां सड़क का विस्तार संभव होगा, वहां इसे करीब पांच मीटर तक चौड़ा करने का प्रयास किया जाएगा।
इससे खासकर संकरे और तीखे मोड़ों पर वाहनों की आवाजाही सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। जिन स्थानों पर सड़क चौड़ी करना तकनीकी या भौगोलिक कारणों से संभव नहीं होगा, वहां दूसरे इंजीनियरिंग उपाय अपनाकर दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जाएगा।
हादसों के आंकड़ों से तय होगी ब्लैक स्पॉट की सूची
नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग से मिलने वाले सड़क हादसों के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा। किसी स्थान पर कितने हादसे हुए, हादसे कितने गंभीर रहे और सड़क की मौजूदा स्थिति क्या है—इन सभी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।
इसके बाद हादसों की गंभीरता और जोखिम के आधार पर ब्लैक स्पॉट को प्राथमिकता दी जाएगी। लोक निर्माण विभाग इन स्थानों पर आवश्यक सड़क सुरक्षा और इंजीनियरिंग कार्य करवाएगा।
रोड सेफ्टी फंड से होंगे जरूरी सुधार
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अनुसार पहले से चिन्हित ब्लैक स्पॉट के साथ नए ब्लैक स्पॉट की भी पहचान कर उन्हें दुरुस्त किया जाना है। उन्होंने अधिकारियों को उन स्थानों पर सड़क खोलने के निर्देश दिए हैं, जहां सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण यातायात और सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
ब्लैक स्पॉट पर किए जाने वाले सुधार कार्यों के लिए मुख्य रूप से रोड सेफ्टी फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य दुर्घटना संभावित स्थानों की कमियों को दूर कर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और हादसों की संख्या में कमी लाना है।
