मानसून ने हिमाचल में मचाई भारी तबाही, 1,168 करोड़ से ज्यादा का नुकसान; 98 लोगों की मौत
शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस मानसून बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। 30 जून से 25 अगस्त तक प्रदेश में 1,168.97 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान दर्ज किया गया है, जबकि आपदाओं में 98 लोगों की जान जा चुकी है।
राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की 25 अगस्त तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार, मानसून अवधि में प्रदेश को कुल 1,16,897.20 लाख रुपये, यानी करीब 1,168.97 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों, निजी संपत्तियों और अन्य क्षेत्रों को हुई क्षति शामिल है।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार कांगड़ा में करीब 358.64 लाख रुपये, चंबा में 267.60 लाख रुपये, शिमला में 234.65 लाख रुपये, किन्नौर में 192.70 लाख रुपये, मंडी में 189.82 लाख रुपये और सिरमौर में 189.45 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।
आपदाओं में 98 लोगों की मौत
मानसून के दौरान भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, सांप के काटने, पेड़ या चट्टान से गिरने सहित विभिन्न आपदाओं में अब तक 98 लोगों की मौत हुई है।
जिलावार सबसे अधिक मौतें कांगड़ा में 16, लाहौल-स्पीति में 14, सिरमौर में 14, चंबा में 13 और शिमला में 12 दर्ज की गई हैं।
सड़क हादसों में 139 लोगों की जान गई
आपदा से हुई मौतों के अलावा मानसून अवधि में सड़क हादसे भी जानलेवा साबित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 139 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
मानसून के अभी जारी रहने के बीच भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क हादसों के खतरे को देखते हुए प्रदेश के कई हिस्सों में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
