हिमाचल में मानसून का असर अभी थमा नहीं है—प्रदेश की 98 सड़कें बंद होने से कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित है। वहीं पांच बिजली ट्रांसफॉर्मर और 20 पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
शिमला, 26 अगस्त। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश के कारण बुधवार को भी कई जिलों में सड़क, बिजली और पेयजल सेवाएं प्रभावित रहीं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 98 सड़कें बंद हैं।
सड़क बंद होने के मामलों में मंडी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 49 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 23, सिरमौर में छह, कांगड़ा में सात, चंबा में पांच, ऊना में चार, शिमला में तीन और लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद है। वहीं बिलासपुर, हमीरपुर, किन्नौर और सोलन में कोई सड़क बंद होने की सूचना नहीं है।
मंडी में 49 सड़कें बंद
मंडी जिले में सिराज उपमंडल सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां 33 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा सुंदरनगर में एक, धर्मपुर में एक, सरकाघाट में तीन, पधर में चार, थलौट में चार और गोहर में तीन सड़कें प्रभावित हैं।
कुल्लू जिले में कुल 23 सड़कें बंद हैं। इनमें कुल्लू उपमंडल की नौ, मनाली की एक, बंजार की दो, आनी की पांच और निरमंड की छह सड़कें शामिल हैं।
पांच बिजली ट्रांसफॉर्मर प्रभावित
बारिश के कारण प्रदेश में कुल पांच बिजली ट्रांसफॉर्मर (डीटीआर) प्रभावित हुए हैं। इनमें चंबा में एक, कांगड़ा में तीन और शिमला में एक ट्रांसफॉर्मर शामिल है।
शिमला में 17 पेयजल योजनाएं प्रभावित
पेयजल आपूर्ति पर भी मानसून का असर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 20 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। इनमें कांगड़ा की एक और शिमला की 17 योजनाएं शामिल हैं। शेष प्रभावित योजनाओं का विवरण रिपोर्ट में अलग से नहीं दिया गया है।
लगातार बारिश के बीच सड़क और बुनियादी सेवाओं के प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित सेवाओं को बहाल करने में जुटे हैं।
