Sirmaur News: एक सप्ताह में डेंगू के 15 मामले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
बरसात के मौसम में सिरमौर में डेंगू ने चिंता बढ़ा दी है। सिर्फ एक सप्ताह में जिले में करीब 15 डेंगू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच व्यवस्था तेज कर दी है।
नाहन (सिरमौर)। बरसात के बीच जिले में डेंगू और स्क्रब टायफस के मामले बढ़ने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन तथा पांवटा साहिब अस्पताल में बुखार और संबंधित लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को देखते हुए अस्पतालों में जांच, उपचार और मरीजों की निगरानी की व्यवस्था मजबूत कर दी है।
मेडिकल कॉलेज नाहन में रोजाना डेंगू के संदिग्ध करीब पांच से सात मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। जांच रिपोर्ट और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। मंगलवार को भी यहां डेंगू के दो मामले सामने आए, जबकि स्क्रब टायफस का एक मामला भी दर्ज किया गया।
पांवटा साहिब अस्पताल में भी डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में यहां करीब छह मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों की निगरानी करने के साथ-साथ लोगों को डेंगू और स्क्रब टायफस से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं।
मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. प्रदीप राघव ने बताया कि बरसात के दौरान मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी मौसम में स्क्रब टायफस के मामले भी सामने आते हैं। उन्होंने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि लगातार बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द, अत्यधिक थकान या कमजोरी जैसे लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए। चिकित्सक की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान ने बताया कि अस्पताल में डेंगू और स्क्रब टायफस से संबंधित बढ़ते मामलों को देखते हुए आवश्यक तैयारियां पूरी हैं। बुखार और अन्य लक्षणों वाले मरीजों की जांच की जा रही है तथा जरूरत के अनुसार उन्हें भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें तथा मच्छरों की रोकथाम के लिए नियमित रूप से सफाई रखें। समय पर जांच और उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सकता है।
