पांवटा में बेलगाम ट्रालों की रफ्तार पर उद्योगपतियों की चिंता, 10 साल बाद भी नहीं मिला ESI अस्पताल
पांवटा साहिब में 40 की सीमा के बावजूद 70-80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रहे ट्राले हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। वहीं करीब 20 हजार कामगारों के लिए प्रस्तावित ESI अस्पताल और एंबुलेंस सुविधा का इंतजार एक दशक से जारी है।
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स की पांवटा इकाई के गोंदपुर स्थित सभागार में एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल की अध्यक्षता में उद्योगपतियों, कारोबारियों, विभागीय अधिकारियों और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में औद्योगिक क्षेत्र की सड़क व्यवस्था, ट्रालों की तेज रफ्तार और श्रमिकों की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए गए।
चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा इकाई के प्रधान सतीश गोयल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र से लेकर शहर और ग्रामीण इलाकों तक कई सड़कें खराब हालत में हैं। इसके साथ ही खनन सामग्री से भरे ट्रालों की तेज रफ्तार भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने बताया कि निर्धारित गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन कई ट्राले 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलते दिखाई देते हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
बैठक में रामपुरघाट और डीएमआर मार्ग की खराब हालत को लेकर भी चिंता जताई गई। उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि इन मार्गों पर यातायात का दबाव अधिक होने के कारण सड़क व्यवस्था में सुधार और भारी वाहनों की गति पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।
10 साल से ESI अस्पताल का इंतजार
उद्योग प्रतिनिधियों ने पांवटा साहिब में ESI अस्पताल खोलने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि क्षेत्र में करीब 20 हजार कामगार ESI के तहत पंजीकृत हैं, लेकिन उन्हें स्थानीय स्तर पर पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
प्रतिनिधियों के अनुसार ESI पैनल से स्थानीय और उत्तराखंड के कई अस्पतालों के बाहर होने के कारण कर्मचारियों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पांवटा साहिब में ESI अस्पताल की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन करीब एक दशक बाद भी इस दिशा में ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।
इसके अलावा वर्ष 2004 से उठ रही एंबुलेंस सुविधा की मांग को भी बैठक में दोहराया गया। उद्योग प्रतिनिधियों ने सरकार और संबंधित विभागों से पांवटा साहिब में ESI अस्पताल तथा एंबुलेंस सुविधा जल्द उपलब्ध कराने की मांग की।
सीवरेज, ड्रेनेज और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी चर्चा
बैठक में औद्योगिक क्षेत्र की सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था, बुनियादी ढांचे के विकास, नागरिक सुविधाओं, यमुना नदी के प्रदूषण और संरक्षण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। धारा-118 के तहत औद्योगिक एवं संपत्ति लेनदेन की अनुमति, ठोस कचरा प्रबंधन और बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखी गईं।
इसके साथ ही NH-707 और NH-907 पर यातायात प्रबंधन में सुधार, नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, परिवहन नगर और ट्रक पार्किंग की स्थापना तथा गोंदपुर में वन विभाग की ओर से विकसित किए जा रहे पार्क में कूड़ा फेंके जाने की समस्या पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों को प्राथमिकता से समाधान के निर्देश
एसडीएम द्विज गोयल ने कहा कि बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिशासी अभियंता एनएच राकेश खंडूजा, पांवटा थाना प्रभारी कुलबंत सिंह कंवर, बीडी त्यागी, आरपी तिवारी, नवीन अग्रवाल, सुरेंद्र शर्मा, अंकुर रयाण सहित विभिन्न उद्योगों, विभागों और संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
