संगड़ाह-हरिपुरधार सड़क पर गड्ढों का सफर, बारिश ने बढ़ाई परेशानी; 80% सड़क बदहाल
संगड़ाह (सिरमौर)। बारिश के बाद संगड़ाह-हरिपुरधार मार्ग पर सफर करना वाहन चालकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। सड़क पर गहरे गड्ढे, उनमें भरा पानी और कीचड़ हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं, जबकि करीब 80 फीसदी हिस्सा बदहाल बताया जा रहा है।
नाहन-रेणुका जी-हरिपुरधार मार्ग पर अंधेरी से हरिपुरधार तक कई स्थानों पर सड़क की हालत खराब बनी हुई है। विशेष रूप से सुंदरघाट से बढ़यालटा के बीच जगह-जगह गहरे गड्ढे पड़े हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है और वाहन चालकों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है।
बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क किनारे बनी कुछ पुलियों के बंद होने या पानी की निकासी ठीक नहीं होने के कारण बरसाती पानी सड़क पर बहने लगता है। पानी और कीचड़ से गड्ढे छिप जाने के कारण दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। वहीं, बड़े वाहन भी गड्ढों से गुजरते समय तेज झटकों का सामना कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मार्ग पर कुछ समय पहले टारिंग का कार्य हुआ था, लेकिन कई स्थानों पर टारिंग उखड़ चुकी है। लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के पीछे जल निकासी की उचित व्यवस्था का अभाव भी एक प्रमुख कारण है। बारिश का पानी सड़क पर जमा होने से नई टारिंग भी जल्द क्षतिग्रस्त हो रही है।
यह मार्ग हरिपुरधार क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके अलावा प्रसिद्ध मां भाग्यानी माता मंदिर तक पहुंचने के लिए भी श्रद्धालु इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क की खराब हालत को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी है।
वाहन चालकों का कहना है कि लगातार गड्ढों से गुजरने के कारण वाहनों के टायर, सस्पेंशन और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंच रहा है। बारिश के दौरान सड़क पर जमा पानी और कीचड़ से हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग से सड़क की जल्द मरम्मत करने के साथ-साथ पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल गड्ढे भरने के बजाय जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है, ताकि हर बरसात में सड़क की हालत दोबारा खराब न हो।
लोक निर्माण विभाग संगड़ाह के अधिशासी अभियंता खजान सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क की मरम्मत और टारिंग का कार्य करना मुश्किल होता है। बारिश कम होते ही सड़क पर पड़े गड्ढों को भरवाया जाएगा। मौसम साफ होने के बाद इस मार्ग पर टारिंग का कार्य भी प्रस्तावित है।
